पटना, 05 अक्टूबर 2026 । बिहार में गंडक नदी की बाढ़ के बीच तटबंधों की सुरक्षा और आपातकालीन कार्रवाई में कथित लापरवाही को लेकर जल संसाधन विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है। विभाग ने छपरा और गोपालगंज में तैनात सात अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता कुमार मनोज गुप्ता के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब गंडक नदी में नेपाल और उत्तर प्रदेश में हुई भारी बारिश के बाद रिकॉर्ड स्तर का पानी आया। नदी के बढ़े जलस्तर के दबाव से कई स्थानों पर तटबंध क्षतिग्रस्त हुए और आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी।
गोपालगंज में कौन-कौन इंजीनियर हुआ सस्पेंड?
विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, गोपालगंज बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल से जुड़े तीन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें तत्कालीन कार्यपालक अभियंता मो. साजिद इकबाल, तत्कालीन अवर प्रमंडल पदाधिकारी मो. जावेद अंसारी और तत्कालीन कनीय अभियंता विकास कुमार शामिल हैं।
जांच में सामने आई आपात कार्रवाई में देरी
विभागीय जांच में आरोप सामने आया कि कुछ स्थानीय अभियंताओं ने बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयार आकस्मिक कार्ययोजना को समय पर लागू नहीं किया। कुछ स्थानों पर तटबंध क्षतिग्रस्त होने के बाद जरूरी सामग्री और पर्याप्त मानवबल की मौजूदगी सुनिश्चित नहीं की गई।
इसके अलावा संसाधनों के प्रबंधन और स्थानीय लोगों तथा जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय में भी कमी पाए जाने की बात विभागीय रिपोर्ट में कही गई है। इन कथित लापरवाहियों को कार्रवाई का आधार बनाया गया।
छपरा में सस्पेंड होने वाले चार इंजीनियर कौन-कौन?
इसी तरह सारण में भी चार इंजीनियरों पर एक्शन लिया गया है। अभिसूचना के मुताबिक, छपरा बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल में तटबंध क्षतिग्रस्त होने के मामले में चार इंजीनियरों पर कार्रवाई की गई है। इनमें कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार प्रभाकर, अवर प्रमंडल पदाधिकारी सुनील कुमार, अवर प्रमंडल पदाधिकारी बिनोद कुमार और कनीय अभियंता चंद्रशेखर कुमार शामिल हैं।
बाढ़ की स्थिति में अब कुछ सुधार की जानकारी सामने आई है। सारण के रेवाघाट में गंडक का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर से 177 सेंटीमीटर नीचे आ गया और खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर नीचे बताया गया। वहीं वैशाली के लालगंज में जलस्तर में 130 सेंटीमीटर की गिरावट आई, हालांकि वहां पानी अभी खतरे के निशान से ऊपर था।
विभाग के अनुसार फिलहाल तटबंधों पर पानी का दबाव नहीं है और सीपेज तथा पाइपिंग की समस्या भी नियंत्रित हो गई है। संवेदनशील और क्षतिग्रस्त हिस्सों पर पर्याप्त सामग्री जमा कर कटाव वाले क्षेत्रों को सुरक्षित करने का काम जारी है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत अभियान जारी
भारी बारिश और गंडक के बढ़े जलस्तर से बिहार के छह जिलों में करीब 9.87 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। राहत और बचाव अभियान के तहत नावों का संचालन, सामुदायिक रसोई और एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं।
सरकार की कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि बाढ़ जैसी आपदा के दौरान तटबंधों की सुरक्षा, समय पर संसाधन जुटाने और राहत-बचाव व्यवस्था में कथित लापरवाही को लेकर विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय की जा रही है।