देहरादून, 01 अक्टूबर 2026 । उत्तराखंड की राजनीति में अनुपमा रावत का नाम उस चुनावी मुकाबले से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की पिछली हार वाली सीट पर कांग्रेस को लंबे अंतराल के बाद जीत दिलाई। हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा सीट पर कांग्रेस करीब 45 साल तक चुनाव नहीं जीत सकी थी। 2022 के विधानसभा चुनाव में अनुपमा रावत ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर इस सिलसिले को तोड़ा।
हरिद्वार ग्रामीण सीट पर कांग्रेस 45 साल तक चुनाव नहीं जीत पाई थी। इसी सीट पर हरीश रावत ने 2017 में चुनाव लड़ा लेकिन भाजपा के दो बार के विधायक रहे स्वामी यतीश्वरानंद से चुनाव हार गए थे। 2022 में हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत ने कांग्रेस के टिकट पर लड़कर पिता की हार का बदला दिया। अब हरीश रावत ने अपने दूसरे बेटे आनंद को चुनाव मैदान में उतारने की भी बात की।
कौन हैं अनुपमा रावत?
अनुपमा रावत पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत की बेटी हैं। वह हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की विधायक हैं। उत्तराखंड सरकार की मौजूदा विधायकों की सूची में भी अनुपमा रावत का नाम हरिद्वार ग्रामीण सीट से कांग्रेस विधायक के तौर पर दर्ज है।
PRS Legislative Research के अनुसार, अनुपमा रावत ने 10 मार्च 2022 से उत्तराखंड विधानसभा की सदस्य के रूप में कार्यभार संभाला और उनकी पार्टी इंडियन नेशनल कांग्रेस है। उनकी शैक्षणिक योग्यता पोस्ट ग्रेजुएट दर्ज है।
हरिद्वार ग्रामीण सीट पर 2017 के विधानसभा चुनाव में हरीश रावत कांग्रेस के उम्मीदवार थे, लेकिन उन्हें भाजपा के स्वामी यतीश्वरानंद से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद 2022 में उनकी बेटी अनुपमा रावत इसी सीट से मैदान में उतरीं और कांग्रेस को जीत दिलाई।
45 साल बाद कांग्रेस की हुई थी वापसी
हरिद्वार ग्रामीण में कांग्रेस के लंबे चुनावी इंतजार के बाद अनुपमा रावत की जीत को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण नतीजे के तौर पर देखा गया। उन्होंने उस सीट पर जीत हासिल की, जहां उनके पिता को पिछली बार हार मिली थी। इसी वजह से 2022 के चुनाव के बाद उनकी जीत को राजनीतिक रूप से खास चर्चा मिली।
अब भाई आनंद रावत को लेकर चर्चा
2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले हरीश रावत परिवार एक बार फिर चर्चा में है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, हरीश रावत ने अपने बेटे आनंद रावत को भी चुनाव मैदान में उतारने की इच्छा जताई है। आनंद रावत यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश कांग्रेस महासचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
इस तरह अनुपमा रावत के बाद अब उनके भाई आनंद रावत की संभावित चुनावी भूमिका को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस की राजनीति में चर्चा तेज है। हालांकि 2027 में किस सीट से कौन उम्मीदवार होगा, इसका अंतिम फैसला पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।