कारोबारियों को अब नहीं लगाने होंगे सरकारी दफ्तरों के चक्कर

CM रेखा गुप्ता ने कारोबारियों के लिए शुरू किया सिंगल विंडो पोर्टल

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नई दिल्ली, 29  सितंबर 2026 । दिल्ली सरकार ने कारोबारियों, उद्यमियों और निवेशकों के लिए ‘दिल्ली उद्योग मित्र पोर्टल’ (Delhi Udyog Mitra Portal) लॉन्च किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 28 सितंबर 2026 को इस सिंगल-विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत की। इसका उद्देश्य कारोबार से जुड़ी विभिन्न मंजूरियों, लाइसेंस और NOC की प्रक्रिया को एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है।

फिलहाल पोर्टल पर 15 से ज्यादा विभागों की 50 से अधिक सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सरकार का लक्ष्य अगले चरण में 21 विभागों की 100 से ज्यादा सेवाओं को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ना है। उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के मुताबिक यह विस्तार अगले महीने तक किया जाना है।

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि फिलहाल 15 विभागों की 50 से अधिक सेवाओं के साथ दिल्ली उद्योग मित्र पोर्टल शुरू किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले महीने तक इसे 21 विभागों की 100 से अधिक सेवाओं वाला प्लेटफॉर्म बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इस पहल से दिल्ली के 8 लाख से अधिक व्यापारियों और उद्यमियों को फायदा मिलेगा। पोर्टल को नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम से भी जोड़ा गया है।

एक ही पोर्टल पर लाइसेंस और NOC की सुविधा

Delhi Udyog Mitra Portal को कारोबार से जुड़ी मंजूरियों के लिए एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म के तौर पर विकसित किया गया है। इसके जरिए कारोबारी और उद्यमी अलग-अलग विभागों के कार्यालयों में जाने के बजाय ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

पोर्टल पर लाइसेंस, क्लीयरेंस और No Objection Certificate यानी NOC से जुड़ी सेवाओं को एक जगह उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। साथ ही आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन देखी जा सकेगी।

दिल्ली सरकार के मुताबिक, इस डिजिटल व्यवस्था से राजधानी के करीब 8 लाख कारोबारियों, जिनमें MSME भी शामिल हैं, को फायदा पहुंचने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि कारोबार शुरू करने या विस्तार करने वालों को अलग-अलग विभागों से मंजूरी लेने के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

इसका उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाना है, हालांकि अलग-अलग सेवाओं की वास्तविक समय-सीमा संबंधित विभाग की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन होगी ट्रैक

पोर्टल की एक अहम सुविधा आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक करने की है। कारोबारी अपने आवेदन का स्टेटस एक ही जगह से देख सकेंगे और संबंधित प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

इसके अलावा पोर्टल पर शिकायत या समस्या दर्ज कराने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। सरकार ने कारोबारियों से जुड़ी शिकायतों के लिए हेल्पलाइन व्यवस्था का भी उल्लेख किया है।

Delhi Udyog Mitra Portal पर कारोबारियों को यह समझने में भी मदद मिलेगी कि उनके प्रस्तावित व्यवसाय के लिए किन-किन मंजूरियों की जरूरत होगी। पोर्टल में ‘Know Your Approvals’ जैसी सुविधा उपलब्ध है, जिसके जरिए जरूरी अप्रूवल की पहचान करने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा Common Application Form जैसी व्यवस्था का उद्देश्य अलग-अलग विभागों में बार-बार समान जानकारी जमा करने की जरूरत को कम करना है।

दिल्ली उद्योग मित्र पोर्टल को केंद्र के National Single Window System (NSWS) के साथ भी इंटीग्रेट किया गया है। इसके जरिए कारोबार और निवेश से जुड़ी केंद्रीय और दिल्ली सरकार की मंजूरियों तक पहुंच को एकीकृत करने का प्रयास किया गया है।

दिल्ली सरकार का कहना है कि इससे निवेशकों और उद्यमियों के लिए अप्रूवल प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।

अभी 50 से ज्यादा सेवाएं, लक्ष्य 100 से अधिक

पोर्टल की मौजूदा व्यवस्था में 15 से ज्यादा विभाग और 50 से अधिक सेवाएं शामिल हैं। इनमें दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, श्रम विभाग, दिल्ली विकास प्राधिकरण, दिल्ली फायर सर्विस और नगर निगम जैसी एजेंसियों से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं।

सरकार अगले चरण में इसे 21 विभागों और 100 से ज्यादा सेवाओं तक विस्तार देने की तैयारी में है। इससे कारोबारियों के लिए उपलब्ध डिजिटल सेवाओं का दायरा और बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पोर्टल लॉन्च करते हुए कहा कि Ease of Doing Business केवल प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करने तक सीमित नहीं है। सरकार का लक्ष्य कारोबारी समुदाय और प्रशासन के बीच भरोसे, पारदर्शिता और सुविधा पर आधारित व्यवस्था तैयार करना है।

सरकार के मुताबिक आगे भी पोर्टल पर नई सेवाएं जोड़ी जाएंगी और प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

Delhi Udyog Mitra Portal के विस्तार के बाद कारोबारियों के लिए मुख्य बदलाव यह होगा कि अलग-अलग विभागों से जुड़ी जानकारी, आवेदन और स्टेटस ट्रैकिंग एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।

हालांकि, पोर्टल का वास्तविक असर इस बात पर भी निर्भर करेगा कि अलग-अलग विभाग कितनी तेजी से अपनी सेवाओं को इसमें एकीकृत करते हैं और ऑनलाइन आवेदनों का निपटारा किस गति से होता है। फिलहाल सरकार ने 21 विभागों की 100 से अधिक सेवाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा है।

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