रवि किशन और बीजेपी पार्षद का विवाद पहुंचा हाईकमान तक, विश्वजीत त्रिपाठी दिल्ली तलब
गोरखपुर, 28 सितंबर 2026 । गोरखपुर में भारी बारिश के बाद जलभराव की समस्या को लेकर बीजेपी सांसद रवि किशन और पार्टी के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी के बीच हुई फोन पर बातचीत अब पार्टी नेतृत्व तक पहुंच गई है। बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया और अब बीजेपी के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने दोनों नेताओं से फोन पर बात की है। रिपोर्ट के मुताबिक, विश्वजीत त्रिपाठी को मामले पर बातचीत के लिए दिल्ली बुलाया गया है।
जैसे ही इसकी जानकारी सपा प्रमुख अखिलेश यादव को हुई तो उन्होंने कहा कि पार्षद सपा जॉइन कर लें। प्रदेश में सपा की सरकार बन जाएगी। बीते शनिवार को भीषण बारिश के दौरान पूरे गोरखपुर शहर में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई थी। इसे लेकर बीजेपी पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी उर्फ सोनू और सांसद रवि किशन के बीच बातचीत का एक वीडियो वायरल हुआ। इसकी चर्चा लगातार हो रही है। कोई उनके पक्ष में तो कोई विपक्ष में बातें कर रहा है।
‘सपा जॉइन कर ली है क्या?’ वाले बयान से बढ़ा विवाद
फोन पर बातचीत के दौरान रवि किशन ने विश्वजीत त्रिपाठी से पूछा कि क्या उन्होंने समाजवादी पार्टी जॉइन कर ली है। इस पर पार्षद ने नाराजगी जताई और कहा कि वह शहर की समस्या और जलभराव को लेकर बात कर रहे हैं।
इसके जवाब में विश्वजीत त्रिपाठी ने भी रवि किशन से पूछा कि क्या उन्होंने बहुजन समाज पार्टी जॉइन कर ली है। बातचीत का यह हिस्सा सामने आने के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई।
विवादित बातचीत सामने आने के बाद मामला बीजेपी के प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचा। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े ने सांसद रवि किशन और पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी से फोन पर बातचीत की।
विश्वजीत त्रिपाठी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें विनोद तावड़े का फोन आया था। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें दिल्ली बुलाया गया है। पार्षद ने कहा कि पहले वह अपने वार्ड की समस्याओं और स्थिति को सामान्य करने पर ध्यान देंगे, इसके बाद दिल्ली जाएंगे।
पार्षद बोले- बीजेपी में ही हूं
विवाद के बीच विश्वजीत त्रिपाठी के दूसरी पार्टी में जाने की अटकलों ने भी जोर पकड़ा। इसकी वजह यह है कि समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें सपा में आने का प्रस्ताव दिया।
हालांकि, विश्वजीत त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनकी सपा में जाने की कोई मंशा नहीं है और वह बीजेपी में ही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, वह पहले सपा के टिकट पर पार्षद का चुनाव जीत चुके हैं और बाद में बीजेपी में शामिल हुए थे।
अखिलेश यादव ने क्या कहा?
मामले की जानकारी सामने आने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि पार्षद सपा में आना चाहें तो वे आ सकते हैं और इसके साथ उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनने की बात कही।
हालांकि, विश्वजीत त्रिपाठी ने इस प्रतिक्रिया के बावजूद पार्टी बदलने की किसी योजना से इनकार किया है। इसलिए फिलहाल उनका बीजेपी छोड़ने का कोई आधिकारिक ऐलान सामने नहीं आया है।
रवि किशन भी जलभराव वाले इलाकों में पहुंचे
विवाद के बीच रवि किशन ने गोरखपुर में जलभराव की स्थिति का जायजा भी लिया। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने मेयर मंगलेश श्रीवास्तव और अधिकारियों के साथ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया।
रवि किशन की ओर से बताया गया कि लगातार बारिश के कारण कई जगह जलभराव और सड़कों पर गड्ढों की समस्या सामने आई। नगर निगम की टीमों को जलनिकासी और गड्ढों की मरम्मत के संबंध में काम करने को कहा गया।
फिलहाल विवाद का अगला चरण बीजेपी नेतृत्व के साथ होने वाली बातचीत माना जा रहा है। विश्वजीत त्रिपाठी के दिल्ली पहुंचने के बाद पार्टी नेतृत्व पूरे घटनाक्रम पर उनका पक्ष जान सकता है।
विवाद की शुरुआत स्थानीय स्तर पर जलभराव की समस्या से हुई थी, लेकिन बातचीत में राजनीतिक टिप्पणी आने के बाद यह मामला पार्टी संगठन तक पहुंच गया। अब नेतृत्व की बातचीत के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।