लालगंज तहसील में वकीलों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, SDM नेहा मिश्रा को हटाने की मांग

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आजमगढ़, 24  सितंबर 2026 । उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की लालगंज तहसील में अधिवक्ताओं और तहसील प्रशासन के बीच विवाद बढ़ गया है। वकीलों ने एसडीएम नेहा मिश्रा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि वे जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपने पहुंचे थे, लेकिन एसडीएम ज्ञापन लेने के बजाय वहां से चली गईं। इसके बाद अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और एसडीएम को हटाने की मांग उठाई।

‘तहसील परिसर में वर्षों से पड़ा है मलबा’

अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसील परिसर में लंबे समय से मलबा पड़ा हुआ है और सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। उनका कहना है कि गंदगी के कारण मच्छर और अन्य कीड़े-मकोड़े पनप रहे हैं। कई बार सांप दिखाई देने की बात भी अधिवक्ताओं ने कही, जिससे संक्रमण और दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर की साफ-सफाई और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि परिसर में लंबे समय से मलबा पड़ा हुआ है और गंदगी की समस्या बनी हुई है। वकीलों ने दावा किया कि परिसर में मच्छर और अन्य कीड़े-मकोड़े पनप रहे हैं तथा कई बार सांप भी दिखाई दिए हैं।

इसके अलावा अधिवक्ताओं ने फाट और पैमाइश से जुड़े मामलों में कथित तौर पर पैसे लिए जाने के आरोप लगाए हैं। बार पदाधिकारियों ने इन शिकायतों की जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। हालांकि, ये आरोप अधिवक्ताओं की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

SDM नेहा मिश्रा ने क्या कहा?

विवाद के बीच एसडीएम नेहा मिश्रा ने भी अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि यदि अधिवक्ता शांतिपूर्ण और मर्यादित तरीके से आएंगे तो उनका ज्ञापन स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने किसी भी तरह के अनुचित दबाव में काम करने से इनकार किया है।

नेहा मिश्रा के मुताबिक, तहसील परिसर में मलबे की समस्या को लेकर पहले ही बातचीत हो चुकी है और समाधान के लिए लिखित स्तर पर कार्रवाई शुरू की जा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक कार्य नियमों के अनुसार किए जाएंगे और किसी दबाव के आधार पर प्रक्रिया से हटकर काम नहीं किया जा सकता।

नेहा मिश्रा 2020 बैच की UPPCS अधिकारी हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने UPPCS परीक्षा में 10वीं रैंक हासिल की थी। प्रशासनिक सेवा में आने से पहले उन्होंने वर्ष 2017 में लोअर पीसीएस परीक्षा पास की और नायब तहसीलदार के रूप में सेवा शुरू की। इसके बाद उन्होंने ट्रेजरी ऑफिसर के रूप में भी काम किया और बाद में पदोन्नति के जरिए एसडीएम बनीं।

जुलाई 2026 में उन्होंने आजमगढ़ की लालगंज तहसील में एसडीएम का पद संभाला था। कार्यभार ग्रहण करने के बाद उनकी पहली जनसुनवाई में 58 शिकायतें सामने आई थीं, जिनमें से 5 का मौके पर निस्तारण किया गया और बाकी मामलों को संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए भेजा गया था।

गोंडा में भी चर्चा में रहा था नाम

लालगंज से पहले नेहा मिश्रा गोंडा की करनैलगंज तहसील में एसडीएम के पद पर तैनात थीं। वहां भी उनके और अधिवक्ताओं के बीच विवाद की खबर सामने आई थी। उस दौरान तहसील परिसर में वकीलों के प्रदर्शन के बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई थी। उस मामले में भी नेहा मिश्रा ने प्रशासनिक कामकाज में दबाव स्वीकार नहीं करने की बात कही थी।

अब आगे क्या होगा?

लालगंज तहसील में फिलहाल विवाद का केंद्र अधिवक्ताओं की मांग और प्रशासन का पक्ष है। वकील एसडीएम को हटाने की मांग पर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं, जबकि एसडीएम ने नियमों के अनुसार काम करने और बातचीत के जरिए समस्याओं के समाधान की बात कही है।

अब नजर इस बात पर है कि जिला प्रशासन दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए गतिरोध को कैसे सुलझाता है और अधिवक्ताओं की ओर से लगाए गए आरोपों पर क्या प्रशासनिक जांच या कार्रवाई होती है।

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