Nestle के बेबी फूड की जांच में मिली कमी

विटामिन B7 यानी बायोटिन तय मानक से कम; FSSAI ने शुरू किए 3 केस

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नई दिल्ली, 18 सितंबर 2026। नेस्ले इंडिया के कुछ बेबी फूड और इन्फेंट न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कार्रवाई शुरू की है। नियामक की जांच में नेस्ले के एक फॉलो-अप फॉर्मूला के सैंपल में बायोटिन यानी विटामिन B7 की मात्रा निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं पाई गई। खास बात यह है कि दोबारा जांच के लिए सैंपल को रेफरल लैब भेजे जाने के बाद भी उसमें निर्धारित बायोटिन मानक का पालन नहीं मिला।

NAN Excella Pro Stage 1 और Lactogen Pro 1 भी जांच के दायरे में

FSSAI की कार्रवाई सिर्फ बायोटिन की मात्रा तक सीमित नहीं है। नियामक ने NAN Excella Pro Stage 1 और Lactogen Pro 1 से जुड़े कुछ प्रमोशनल दावों पर भी आपत्ति जताई है।

FSSAI के अनुसार, NAN Excella Pro Stage 1 के प्रमोशनल कंटेंट में ‘5 HMOs’ और ‘Whey Protein’ से संबंधित दावे पाए गए। वहीं Lactogen Pro 1 के प्रचार में व्हे प्रोटीन को आसानी से पचने वाला बताने वाले दावे की भी जांच की गई।

तीन अलग-अलग केस शुरू

FSSAI ने नेस्ले इंडिया के खिलाफ इन मामलों में तीन अलग-अलग adjudication cases शुरू किए हैं। इनमें दो मामले प्रमोशनल दावों से जुड़े हैं, जबकि तीसरा मामला फॉलो-अप फॉर्मूला में बायोटिन की मात्रा से संबंधित लैब जांच पर आधारित है।

नियामक ने बताया कि संबंधित उत्पादों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध प्रमोशनल सामग्री की भी जांच की गई थी। FSSAI ने इन मामलों को Foods for Infant Nutrition Regulations, 2020 के प्रावधानों से जोड़ा है।

क्या बेबी फूड पर लगा है बैन?

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन उत्पादों पर प्रतिबंध लगाए जाने की बात नहीं कही गई है। FSSAI ने कानूनी और adjudication प्रक्रिया शुरू की है। इसका मतलब यह है कि मामले में अंतिम कार्रवाई या दंड का फैसला अभी प्रक्रिया के अधीन है।

इसलिए सिर्फ कार्रवाई शुरू होने को सभी संबंधित उत्पादों के असुरक्षित घोषित किए जाने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

नेस्ले ने क्या कहा?

नेस्ले इंडिया ने कहा है कि उसके उत्पाद लागू नियमों के अनुरूप हैं और कंपनी नियामक के साथ सहयोग जारी रखेगी। कंपनी ने यह भी कहा है कि जिन लेबल दावों पर सवाल उठाए गए हैं, उनके संबंध में उसने अधिकारियों को विस्तृत जवाब दिया है।

अब आगे की adjudication प्रक्रिया में नियामक की ओर से उठाए गए मुद्दों और कंपनी के जवाबों की जांच होगी।

बेबी फूड को लेकर क्यों महत्वपूर्ण है मामला?

इन्फेंट फूड ऐसे उत्पाद हैं जिनका इस्तेमाल शिशुओं के पोषण के लिए किया जाता है। इसलिए इनके पोषण संबंधी घटकों और लेबलिंग को लेकर नियामकीय मानक विशेष महत्व रखते हैं। FSSAI की मौजूदा कार्रवाई इसी नियामकीय निगरानी का हिस्सा है।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि एक नेस्ले फॉलो-अप फॉर्मूला सैंपल में बायोटिन की मात्रा दोनों जांचों में निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं पाई गई और इसके आधार पर अलग adjudication case शुरू किया गया है।

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