वॉशिंगटन, 16 सितंबर 2026। अमेरिकी शेयर बाजार से निवेशकों की निकासी ने हाल के दिनों में वैश्विक वित्तीय बाजारों का ध्यान खींचा है। सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में अमेरिका के इक्विटी फंडों से बड़ी मात्रा में पैसा बाहर गया। रिपोर्ट के मुताबिक, 9 सितंबर को समाप्त सप्ताह में अमेरिकी इक्विटी फंडों से 32.27 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी हुई, जो करीब नौ महीनों में सबसे बड़ा साप्ताहिक आउटफ्लो था।
महंगे कच्चे तेल ने बढ़ाई बाजार की चिंता
अमेरिकी बाजार से पैसे निकलने के पीछे सबसे बड़ी चिंताओं में कच्चे तेल की बढ़ती कीमत और उससे पैदा होने वाला महंगाई दबाव शामिल है। इसी अवधि में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI क्रूड की कीमत 104.46 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी।
तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर महंगाई पर पड़ सकता है। निवेशकों को आशंका है कि यदि महंगाई लंबे समय तक ऊंची रहती है तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व को ब्याज दरों को लेकर अपेक्षाकृत सख्त रुख अपनाना पड़ सकता है।
लार्ज कैप फंडों में रिकॉर्ड निकासी
आंकड़ों के मुताबिक अमेरिकी बाजार में खास तौर पर बड़े शेयरों वाले फंडों पर दबाव दिखाई दिया। सप्ताह के दौरान लार्ज-कैप इक्विटी फंडों से 40.44 अरब डॉलर की रिकॉर्ड साप्ताहिक निकासी दर्ज हुई। वहीं मिड-कैप फंडों से 68.2 करोड़ डॉलर बाहर गए।
हालांकि, हर हिस्से में बिकवाली नहीं हुई। मल्टी-कैप फंडों में 3.52 अरब डॉलर और स्मॉल-कैप फंडों में 27.4 करोड़ डॉलर का निवेश आया। इससे पता चलता है कि निवेशक पूरी तरह इक्विटी से बाहर नहीं निकल रहे थे, बल्कि बाजार के अलग-अलग हिस्सों में अपना पैसा पुनर्व्यवस्थित भी कर रहे थे।
अमेरिकी बॉन्ड बाजार में निवेशकों की चिंता अब साफ दिखने लगी है। 10 साल के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड सितंबर में करीब 5% तक पहुंच गई। 11 सितंबर को यह 4.93% थी, जबकि इससे पहले 4.979% तक पहुंच चुकी थी।
आसान भाषा में समझें तो यील्ड बढ़ने का मतलब है कि अमेरिका को कर्ज लेने के लिए निवेशकों को ज्यादा ब्याज देना पड़ रहा है। यानी सरकार के लिए कर्ज लेना महंगा होता जा रहा है। इसका असर आगे चलकर सरकारी खर्च पर भी पड़ सकता है।
बॉन्ड में निवेशकों की दिलचस्पी बनाए रखने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी पुराने बॉन्ड की खरीद बढ़ा रहा है। हालांकि, ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट का कहना है कि अमेरिकी वित्तीय व्यवस्था मजबूत है और बॉन्ड की हाल की नीलामियां अच्छी रही हैं।