नई दिल्ली, 16 सितंबर 2026। दिल्ली में बुधवार को कई प्रतिष्ठित स्कूलों को बम धमकी वाले ईमेल मिलने से हड़कंप मच गया। चाणक्यपुरी स्थित द ब्रिटिश स्कूल, धौला कुआं का आर्मी पब्लिक स्कूल और लोधी एस्टेट स्थित सरदार पटेल विद्यालय समेत कई स्कूलों को धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। स्कूल परिसरों को खाली कराया गया और बम निरोधक दस्तों तथा खोजी कुत्तों की मदद से व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। जांच में अब तक किसी स्कूल परिसर से विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।
- पुलिस के मुताबिक, ईमेल करीब 10:17 बजे मिले थे। इनमें से एक स्कूल में दोपहर 1:11 बजे दिल्ली के स्कूलों में धमाके किए जाने की बात कही गई थी।
- कथित तौर पर पंजाबी में लिखे इन मैसेज में स्कूलों के अलावा पुलिस स्टेशन, पुलिस चौकियों और कोर्ट परिसरों को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई थी।
- ईमेल में 29 सितंबर तक दिल्ली मेट्रो और ट्रेनों से सफर न करने की चेतावनी भी दी गई थी।
- सरदार पटेल विद्यालय में बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड के जरिए कई घंटे की गई जांच। हालांकि कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।
धमकी भरे ईमेल सामने आने के बाद स्कूल प्रशासन ने दिल्ली पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस, बम डिस्पोजल स्क्वॉड, स्निफर डॉग टीम और फायर सर्विस को संबंधित स्कूलों में भेजा गया। एहतियात के तौर पर विद्यार्थियों और कर्मचारियों को परिसरों से बाहर निकाला गया।
सुरक्षा टीमों ने कक्षाओं, कॉरिडोर, खुले क्षेत्रों और स्कूल भवन के आसपास के हिस्सों की बारीकी से जांच की। अधिकारियों के मुताबिक तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध सामान नहीं मिला।
ब्रिटिश स्कूल और आर्मी पब्लिक स्कूल भी निशाने पर
धमकी पाने वाले प्रमुख संस्थानों में चाणक्यपुरी का ब्रिटिश स्कूल और धौला कुआं स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल शामिल हैं। लोधी एस्टेट के सरदार पटेल विद्यालय को भी धमकी वाला ईमेल मिला।
कुछ रिपोर्टों में स्प्रिंगडेल्स स्कूल और एयर फोर्स बाल भारती स्कूल समेत अन्य संस्थानों का भी उल्लेख किया गया है। अलग-अलग स्कूलों को मिले संदेशों की संख्या और सूची में रिपोर्टिंग के स्तर पर अंतर है, इसलिए पुलिस की जांच पूरी होने तक प्रभावित संस्थानों की अंतिम सूची स्पष्ट रूप से सामने आना बाकी है।
सरदार पटेल विद्यालय समेत कुछ स्कूलों ने विद्यार्थियों को परिसर से बाहर निकालने के बाद अभिभावकों को सूचना भेजी। कई स्कूलों में उस समय परीक्षाएं भी चल रही थीं, जिसके चलते सुरक्षा जांच के कारण शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हुईं।
स्कूल प्रशासन की प्राथमिकता विद्यार्थियों और स्टाफ को सुरक्षित स्थान पर रखना रही। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर की जांच की।
जांच में धमकी निकली फर्जी
सुरक्षा एजेंसियों की तलाशी के बाद शुरुआती तौर पर इन धमकियों को फर्जी यानी होक्स माना गया है। किसी भी परिसर से विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। हालांकि, फर्जी पाए जाने के बावजूद पुलिस इसे हल्के में नहीं ले रही है और ईमेल भेजने वाले की पहचान के लिए जांच जारी है।
दिल्ली पुलिस की साइबर टीम अब धमकी भरे ईमेल के तकनीकी और भाषाई सुरागों की जांच कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ धमकी वाले संदेश पंजाबी भाषा में लिखे गए थे। पुलिस ईमेल के स्रोत और डिजिटल विवरणों का विश्लेषण कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संदेश कहां से भेजे गए और इसके पीछे कौन है।
सिर्फ स्कूल नहीं, अन्य जगहों को लेकर भी चेतावनी
कुछ रिपोर्टों के मुताबिक धमकी वाले संदेशों में स्कूलों के साथ-साथ पुलिस ठिकानों और अदालत परिसरों को भी निशाना बनाने की चेतावनी दी गई थी। एक संदेश में 29 सितंबर तक दिल्ली मेट्रो या ट्रेनों में यात्रा न करने की चेतावनी का भी उल्लेख किया गया। इन दावों की जांच सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं।
अभिभावकों और छात्रों में बढ़ी चिंता
लगातार इस तरह के धमकी भरे ईमेल सामने आने से दिल्ली के स्कूलों में सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ी है। हालांकि, सुरक्षा जांच में किसी विस्फोटक के नहीं मिलने से तत्काल खतरे की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस और स्कूल प्रशासन ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत कार्रवाई की है। अब जांच का मुख्य फोकस धमकी भेजने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान और ईमेल की वास्तविक उत्पत्ति का पता लगाने पर है।