राजकीय शिक्षक पुरस्कार में शमा परवीन का चयन, बिहार के 38 शिक्षकों में बनाई जगह

CM सम्राट करेंगे सम्मान

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सीतामढ़ी, 03 सितंबर2026 ।  बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने की तैयारी है। राजकीय शिक्षक पुरस्कार के लिए राज्य के 38 शिक्षकों का चयन किया गया है। इनमें शमा परवीन का नाम भी शामिल है। पुरस्कार मिलने की खबर के बाद उनके योगदान और उपलब्धियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

कौन हैं शमा परवीन?

राजकीय शिक्षक पुरस्कार के लिए सीतामढ़ी की शमा परवीन का चयन किया गया है। उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में खास योगदान के लिए चयनित शिक्षिका परवीन जिले के रून्नीसैदपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय, कोईरी टोला धनुषी की प्रधान शिक्षिका है।

गौरतलब है कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। शिक्षा विभाग ने चयनित शिक्षक, शिक्षिकाओं से 5 सितंबर 26 को सुबह 8 बजे तक श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल, पटना में मौजूद रहने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री सभी शिक्षिकों को सम्मानित करेंगे।

राजकीय शिक्षक पुरस्कार शिक्षकों के समर्पण, मेहनत और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को पहचान देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। शमा परवीन का चयन इस बात को रेखांकित करता है कि विद्यालय स्तर पर बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाने और विद्यार्थियों के विकास में शिक्षकों की भूमिका कितनी अहम है।

पुरस्कार के लिए चयनित 38 शिक्षकों को सम्मानित करने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से शिक्षकों को सम्मान दिए जाने की जानकारी सामने आई है। कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों की उपलब्धियों को सामने रखा जाएगा और उनके योगदान की सराहना की जाएगी।

शिक्षकों का चयन आमतौर पर उनके शैक्षणिक कार्य, विद्यार्थियों के प्रति समर्पण, विद्यालय के विकास में योगदान और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों जैसे विभिन्न पहलुओं के आधार पर किया जाता है। ऐसे सम्मान से शिक्षकों को प्रोत्साहन मिलने के साथ अन्य शिक्षकों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।

शमा परवीन के चयन ने विशेष तौर पर लोगों का ध्यान खींचा है। राजकीय शिक्षक पुरस्कार के लिए बिहार के 38 शिक्षकों के बीच जगह बनाना उनके लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। उनके शिक्षण कार्य और विद्यालय में किए गए योगदान को चयन प्रक्रिया में महत्व दिया गया है।

राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकारी स्तर पर कई प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में शिक्षकों की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, रचनात्मक सोच और सीखने की क्षमता विकसित करने में भी उनकी अहम जिम्मेदारी होती है। उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करने से इस भूमिका को सार्वजनिक पहचान मिलती है।

राजकीय शिक्षक पुरस्कार को लेकर अब सम्मान समारोह पर सबकी नजर रहेगी। बिहार के चयनित 38 शिक्षक इस कार्यक्रम में सम्मानित होंगे और शमा परवीन भी इस सूची का हिस्सा होंगी। यह सम्मान उनके शैक्षणिक योगदान की पहचान के साथ-साथ उनके पेशेवर सफर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा सकता है।

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