पटना/रांची, 02 सितंबर2026 । बिहार और झारखंड में अलग-अलग स्वास्थ्य घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पटना में डेंगू से मौत की खबर सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता बढ़ी है, वहीं रांची में स्वाइन फ्लू के अब तक तीन पॉजिटिव मामले सामने आने की जानकारी है। संक्रमण की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता अपनाने की सलाह दी जा रही है।
पटना में डेंगू से एक की मौत
बताया जा रहा है कि इंद्रदेव प्रसाद 5 दिन से बीमार चल रहे थे। हालत खराब देख घरवाले उन्हीं कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल ले गए और वहां भर्ती कराया। लेकिन उनके प्लेटलेट्स लगातार गिरते जा रहे थे। खून और प्लेटलेट्स चढ़ा कर उनके स्वास्थ्य को ठीक करने की पूरी कोशिश की गई। प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए भी हर उपाय किए गए, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। अंत में मंगलवार को इंद्रदेव प्रसाद ने दम तोड़ दिया। वहीं इस मामले पर एक अखबार के अनुसार सिविल सर्जन योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि उनको इस मौत की खबर नहीं है।
डेंगू मच्छर के काटने से फैलने वाली बीमारी है और बारिश के मौसम में इसके मामले बढ़ने की आशंका रहती है। पानी जमा होने से मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं। तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, कमजोरी तथा कुछ मामलों में रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। गंभीर लक्षण होने पर मरीज को तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की जरूरत होती है।
दूसरी ओर, रांची में स्वाइन फ्लू के तीन पॉजिटिव मामलों की जानकारी के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। स्वाइन फ्लू को आमतौर पर Influenza A (H1N1) संक्रमण से जोड़ा जाता है। यह श्वसन तंत्र को प्रभावित करने वाला संक्रमण है और संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से फैल सकता है।
स्वाइन फ्लू के मामलों के बीच लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जा सकती है। हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोना, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढंकना तथा बीमार व्यक्ति के बेहद करीब जाने से बचना संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
हाथ मिलाने से मना करने की सलाह भी संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए अपनाए जाने वाले एहतियाती उपायों का हिस्सा हो सकती है। हालांकि, केवल हाथ मिलाने से ही स्वाइन फ्लू फैलता है, ऐसा कहना सही नहीं होगा। संक्रमण मुख्य रूप से श्वसन बूंदों और दूषित सतहों के संपर्क जैसे माध्यमों से फैल सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए इस समय सबसे महत्वपूर्ण चुनौती संक्रमित मरीजों की पहचान, उपचार और निगरानी के साथ संक्रमण के संभावित प्रसार को रोकना है। वहीं, लोगों को बीमारी को लेकर अनावश्यक डरने के बजाय सही जानकारी और चिकित्सकीय सलाह का पालन करना चाहिए।
पटना में डेंगू से हुई मौत और रांची में स्वाइन फ्लू के पॉजिटिव मामलों ने बारिश के मौसम में स्वास्थ्य सुरक्षा की अहमियत को फिर सामने ला दिया है। मच्छरों से बचाव, साफ-सफाई, व्यक्तिगत स्वच्छता और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय पर डॉक्टर से संपर्क करना संक्रमण से बचाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकते हैं।