चंडीगढ़ , 01 सितंबर2026 । हरियाणा की अर्थव्यवस्था को लेकर एक सकारात्मक खबर सामने आई है। राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में 11.83 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। आर्थिक गतिविधियों में तेजी के साथ राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होने के संकेत मिले हैं। यह बढ़ोतरी हरियाणा के विकास और आर्थिक प्रदर्शन के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आर्थिक गतिविधियों में निरंतरता
कैग के अनुसार पिछले पांच वर्षों के दौरान राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में हरियाणा की हिस्सेदारी काफी हद तक स्थिर रही है। इससे देश की अर्थव्यवस्था में राज्य की निरंतर आर्थिक भूमिका सामने आती है। वित्त वर्ष 2024-25 में राज्य की राजस्व प्राप्तियों में पिछले वर्ष की तुलना में 5.05 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसमें बेहतर कर संग्रह, विशेष रूप से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), तथा केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। राज्य की अपनी कर प्राप्तियां कुल प्राप्तियों में लगभग दो-तिहाई हिस्सेदारी रखती हैं। यह राज्य की अपनी राजस्व क्षमता और कर संग्रह व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
GSDP में वृद्धि का सीधा संबंध राज्य में होने वाली आर्थिक गतिविधियों से है। उद्योग, सेवा क्षेत्र, कृषि और उससे जुड़े कारोबार के प्रदर्शन में सुधार होने पर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। हरियाणा की अर्थव्यवस्था में औद्योगिक और सेवा क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है, वहीं कृषि क्षेत्र भी राज्य की आर्थिक संरचना का अहम हिस्सा है।
11.83 प्रतिशत की वृद्धि के आंकड़े ऐसे समय में महत्वपूर्ण हैं, जब राज्यों के बीच निवेश आकर्षित करने और आर्थिक विकास को तेज करने की प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। बेहतर आर्थिक प्रदर्शन से रोजगार, निवेश और कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं मजबूत होती हैं।
हरियाणा लंबे समय से ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, रियल एस्टेट और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों का प्रमुख केंद्र रहा है। दिल्ली-एनसीआर से नजदीकी के कारण राज्य को निवेश और औद्योगिक गतिविधियों का भी लाभ मिलता है। ऐसे में GSDP में हुई वृद्धि को राज्य की आर्थिक क्षमता के लिहाज से अहम संकेत माना जा सकता है।
अब सरकार के सामने इस आर्थिक रफ्तार को बनाए रखने की चुनौती होगी। बुनियादी ढांचे, निवेश, रोजगार और उद्योगों को बढ़ावा देने वाली नीतियों के जरिए इस वृद्धि को लंबे समय तक कायम रखा जा सकता है। अगर आर्थिक गतिविधियों में यही गति बनी रहती है, तो हरियाणा आने वाले समय में देश के प्रमुख आर्थिक रूप से मजबूत राज्यों में अपनी स्थिति और बेहतर कर सकता है।