‘चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में हेरफेर की तैयारी’ का अखिलेश यादव ने लगाया आरोप
कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने और सक्रिय होने की अपील
लखनऊ, 01 सितंबर2026 । चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में हेरफेर की तैयारी की जा रही है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से मतदाता सूचियों पर नजर रखने और पूरी तरह सक्रिय रहने की अपील की है।
सोमवार को पार्टी कार्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी पीडीए परिवार के लोगों के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के बाद फॉर्म-7 भरवाए गए हैं और अब चुनाव से पहले फिर से सत्यापन की प्रक्रिया करवाई जाएगी। इस प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची को प्रभावित करने की कोशिश होगी।
अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची की जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि पात्र मतदाताओं के नाम सूची में मौजूद रहें। उन्होंने पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने पर भी जोर दिया, ताकि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर समय रहते आपत्ति दर्ज कराई जा सके।
विपक्ष की ओर से लगाए गए इन आरोपों ने चुनावी प्रक्रिया में मतदाता सूची की भूमिका को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। चुनाव से पहले वोटरों के नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में राजनीतिक दल अपने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर मतदाता सूची की निगरानी के लिए तैयार कर रहे हैं।
हालांकि, वोटर लिस्ट में कथित हेरफेर को लेकर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता संबंधित चुनावी प्रक्रिया और जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। मतदाताओं के लिए भी जरूरी है कि वे अपना नाम मतदाता सूची में समय रहते जांच लें और किसी तरह की गलती होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति दर्ज कराएं।
बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करें कार्यकर्ता
सपा अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करेगी। ‘पीडीए’ के नारे को लेकर सामाजिक न्याय की सरकार बनाने के लिए कार्यकर्ता जनता के बीच जाएंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची पर नजर रखने और पार्टी समर्थकों के नाम सूची में सुनिश्चित करवाने की अपील की।
अखिलेश यादव की इस अपील के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। आने वाले चुनावों से पहले मतदाता सूची, बूथ मैनेजमेंट और वोटर वेरिफिकेशन राजनीतिक दलों की रणनीति का अहम हिस्सा बन सकता है।