नई दिल्ली, 01 सितंबर2026 । दिल्ली में मतदाता सूची के ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद करीब 47.5 लाख मतदाताओं के नाम सूची से बाहर होने की खबर ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। ऐसे में जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है, उनके लिए दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया है। मतदाताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित फॉर्म भरकर अपना नाम जुड़वाने या मतदाता सूची में जरूरी सुधार कराने का अवसर मिलेगा।
अगर आपका नाम मतदाता सूची के ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं है या वोटर लिस्ट में किसी तरह की गलती है, तो उसे ठीक कराने के लिए चुनाव आयोग ने दावा और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की है। मतदाता 30 सितंबर तक अपना दावा या आपत्ति दाखिल कर सकते हैं।
नाम नहीं है तो भरें फॉर्म-6
अगर ड्राफ्ट मतदाता सूची में आपका नाम नहीं है, तो फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसमें नाम, रिश्तेदार की जानकारी, मोबाइल नंबर, ई-मेल, आधार, जन्मतिथि, जेंडर और पूरा एड्रेस जैसी जानकारी देनी होगी।
Form-6 का इस्तेमाल उन लोगों के लिए किया जाता है, जिनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है और वे अपना नाम दर्ज कराना चाहते हैं। वहीं Form-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में किसी नाम को हटाने या नाम शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जाता है। Form-8 के जरिए मौजूदा मतदाता सूची में नाम, पता, फोटो या अन्य विवरण में सुधार अथवा आवश्यक बदलाव के लिए आवेदन किया जा सकता है।
ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं मिलने पर मतदाताओं को घबराने के बजाय आधिकारिक मतदाता सूची की जांच करनी चाहिए और अपनी स्थिति के अनुसार सही फॉर्म जमा करना चाहिए। 30 सितंबर तक दावा या आपत्ति दाखिल करने का मौका दिया गया है। समय सीमा के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, इसलिए पात्र मतदाताओं के लिए निर्धारित अवधि में आवेदन करना महत्वपूर्ण है।
मतदाता ऑनलाइन माध्यम से भी आवेदन और सुधार की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। आवेदन करते समय सही व्यक्तिगत जानकारी और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध रखना जरूरी है। किसी भी तरह की गलती से बचने के लिए आवेदन जमा करने से पहले सभी विवरणों की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए।
दिल्ली की मतदाता सूची में इतने बड़े स्तर पर नामों के बाहर होने के मुद्दे के बीच चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के अधिकार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि दावा-आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम मतदाता सूची में कितने नाम दोबारा शामिल होते हैं।