सोनीपत , 29 अगस्त 2026 । सोनीपत के मॉडल टाउन स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में बच्चों से स्कूल की सफाई कराने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सफाई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि हेडमास्टर और अध्यापकों की ओर से बच्चों से स्कूल परिसर के बाहर सफाई कराई जा रही थी। मामला बढ़ने पर कर्मचारियों ने स्कूल पहुंचकर विरोध किया और हेडमास्टर से भी झाड़ू लगवाई। इसके बाद कर्मचारी स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए।
सफाई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि हेडमास्टर और अध्यापक अपने बच्चों से स्कूल से सफाई करवाएं। उन्होंने हेडमास्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हैं और उनके बच्चों से स्कूल की सफाई करवाते हैं।सफाई कर्मचारियों ने स्कूल पहुंचकर हेडमास्टर से स्कूल की सफाई करवाई। इसके बाद वे स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं।कुछ देर बाद स्कूल के हेडमास्टर ने सफाई कर्मचारियों से माफी मांगी, जिसके बाद समझौता हो गया और सफाई कर्मचारी धरने से उठ गए।
हेडमास्टर सुरेंद्र हुड्डा का कहना है कि सरकार की ओर से श्रमदान के निर्देश दिए गए थे और इसी के तहत स्कूल में सफाई अभियान चलाया जा रहा था। इसमें अध्यापकों के साथ बच्चों ने भी सफाई में हिस्सा लिया था। हालांकि, सफाई कर्मचारियों ने इस पर आपत्ति जताई और हेडमास्टर से माफी मांगने की मांग की।
विवाद बढ़ने के बाद हेडमास्टर ने सफाई कर्मचारियों से माफी मांगी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और कर्मचारियों ने धरना समाप्त कर दिया। मामले ने स्कूलों में सफाई व्यवस्था, बच्चों से कराए जाने वाले श्रम और श्रमदान की सीमा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।