बीजेपी से गठबंधन को लेकर सियासी घमासान

भगवंत मान ने सुखबीर बादल पर साधा निशाना

0

चंडीगढ़, 27 अगस्त 2026 । पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी के संभावित गठबंधन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उनकी पार्टी बीजेपी के साथ गठबंधन के लिए ‘भीख मांग रही है’।

भगवंत मान का यह बयान ऐसे समय आया है जब पंजाब में बीजेपी और अकाली दल के दोबारा साथ आने की अटकलें लगातार चर्चा में हैं। अकाली दल की ओर से गठबंधन को लेकर सकारात्मक संकेत दिए गए हैं, जबकि बीजेपी नेतृत्व ने पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी के संकेत दिए हैं।

बेअदबी और ड्रग्स के मुद्दे पर अकालियों को घेरा

भगवंत मान ने बेअदबी के मुद्दे को लेकर भी अकाली दल पर निशाना साधा। उन्होंने पिछली सरकार पर आरोप लगाया कि उसके कार्यकाल में धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में लोगों को न्याय नहीं मिला। नशे के मुद्दे पर मान ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान सरकारी वाहनों तक का इस्तेमाल ड्रग्स की सप्लाई के लिए किया जाता था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और उन्हें जेल भेजा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस और अकाली दल ने आजादी के बाद से पंजाब को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने दोनों पार्टियों की तुलना ‘दीमक’ से करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने राज्य को विकास की राह में पीछे धकेल दिया।

सुखबीर बादल पर भगवंत मान का सीधा हमला

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अकाली दल और सुखबीर बादल की राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी बीजेपी के साथ हाथ मिलाने के लिए उत्सुक है। उन्होंने अकाली दल पर पंजाब के महत्वपूर्ण मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया और बेअदबी तथा नशे की समस्या को लेकर पार्टी को घेरा।

बीजेपी-अकाली गठबंधन पर बढ़ी हलचल

पंजाब में बीजेपी और अकाली दल का पुराना राजनीतिक गठबंधन रहा है, लेकिन 2020 में कृषि कानूनों के मुद्दे पर दोनों दलों के रास्ते अलग हो गए थे। अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच संभावित तालमेल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं फिर तेज हैं।

अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने भी गठबंधन की संभावना को लेकर संकेत दिए हैं। वहीं बीजेपी की ओर से हालिया बयानों में अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी की बात कही गई है। इससे दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे और गठबंधन की दिशा को लेकर तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं है।

2027 के चुनाव पर नजर

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, बीजेपी और अकाली दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। ऐसे में बीजेपी और अकाली दल के बीच गठबंधन होता है या दोनों पार्टियां अलग-अलग चुनाव मैदान में उतरती हैं, इसका असर राज्य के राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है।

भगवंत मान के ताजा हमले से साफ है कि आम आदमी पार्टी आगामी चुनाव से पहले विपक्षी दलों के संभावित गठजोड़ को भी राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी में है। वहीं अकाली दल और बीजेपी के बीच गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला आने वाले समय में पंजाब की चुनावी राजनीति की दिशा तय कर सकता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.