मुजफ्फरपुर, 26 अगस्त 2026 । मुजफ्फरपुर में करीब 6 बीघे जमीन से जुड़े विवाद ने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक अमित कुमार रानू की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पुलिस कार्रवाई के बाद यह मामला अब सिर्फ जमीन विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसके राजनीतिक पहलू पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र सुपर ऐक्टिव
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि अहियापुर के झपहां में जमीन पर कब्जे के लिए रंगदारी में विधायक का भाई पार्टी का झंडा लगी कार से पहुंचा था। उसके साथ 20 से अधिक बाइक और अन्य वाहनों पर 50 से अधिक लोग थे। वीडियो से सभी को चिह्नित किया जा रहा है। एसएसपी ने बताया कि इस मामले में अब तक मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी में 25 केस दर्ज किए गए हैं। इनमें से आठ में विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई अभिनव उर्फ सोनू नामजद आरोपी हैं।
मामले में आरोप है कि विवादित जमीन से जुड़े घटनाक्रम के दौरान करीब 25 मकानों पर जेसीबी चलवाने का मामला सामने आया। पुलिस ने इस प्रकरण में विधायक और उनके भाई की भूमिका की जांच तेज कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस गिरफ्तारी वारंट के लिए अदालत का रुख करने की तैयारी में है।
पुलिस के मुताबिक मामले से जुड़े कुछ लोगों की बातचीत में ‘बॉस’ शब्द का इस्तेमाल सामने आया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित तौर पर किसके निर्देश पर कार्रवाई की गई और पूरे घटनाक्रम में किस-किस की भूमिका थी।
वहीं, विधायक अमित रानू ने जमीन विवाद में सीधे तौर पर अपनी संलिप्तता से इनकार किया है। उनकी ओर से पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक नजरिए से भी देखा गया है। ऐसे में अब मामला कानूनी जांच के साथ-साथ सियासी बहस का भी हिस्सा बन गया है।
पुलिस की कार्रवाई के बीच मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र की सक्रियता भी चर्चा में है। जांच में जमीन के दस्तावेज, कथित तोड़फोड़, आरोपियों की भूमिका और विधायक से जुड़े आरोपों की पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट होना बाकी है कि जांच के बाद अमित रानू के खिलाफ पुलिस की अगली कार्रवाई क्या होगी। जमीन विवाद में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।