पटना, 10 अगस्त 2026 । बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर को लेकर एक दिलचस्प संयोग सामने आया है। जिस मंत्री ने कभी सवाल उठाते हुए पूछा था कि ‘कौन हैं प्रशांत किशोर?’, अब वही मंत्री और प्रशांत किशोर पड़ोसी बन गए हैं। इस घटनाक्रम ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है।
कौन हैं प्रशांत किशोर? पूछने वाले मंत्री राम कृपाल यादव बने पड़ोसी
बांकीपुर उपचुनाव के प्रचार के दौरान बिहार सरकार में मंत्री और दानापुर से विधायक रामकृपाल यादव ने प्रशांत किशोर पर सवाल उठाते हुए कहा था कि वे कौन हैं और बाहरी व्यक्ति को जनता क्यों जिताएगी? अब किस्मत का चक्र ऐसा घूमा है कि प्रशांत किशोर का नया विधायक आवास सीधे रामकृपाल यादव के घर के बगल में स्थित है। पड़ोसी बनने पर रामकृपाल यादव ने कहा कि वे अब उनके विधायक और पड़ोसी हैं, जरूरत पड़ने पर वे अपनी समस्याएं लेकर उनके पास जाएंगे।
बिहार की राजनीति में PK की बढ़ती सक्रियता
प्रशांत किशोर ने बिहार में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए लंबे समय से अभियान चला रखा है। शिक्षा, रोजगार, पलायन, भ्रष्टाचार और विकास जैसे मुद्दों को लेकर वह लगातार सरकार और पारंपरिक राजनीतिक दलों पर निशाना साधते रहे हैं।
ऐसे में उनका किसी मौजूदा मंत्री के पड़ोसी बनना भले ही निजी स्तर का संयोग हो, लेकिन राजनीतिक नजरिए से इसे दिलचस्प घटनाक्रम माना जा रहा है।
पुराने बयान की फिर होने लगी चर्चा
राजनीति में नेताओं के पुराने बयान अक्सर बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच फिर सुर्खियों में आ जाते हैं। प्रशांत किशोर को लेकर दिया गया ‘कौन हैं प्रशांत किशोर?’ वाला बयान भी अब इसी वजह से चर्चा में है। सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में लोग इस संयोग को अपने-अपने तरीके से देख रहे हैं।
क्या पड़ोसी बनने से बदलेगा सियासी रिश्ता?
प्रशांत किशोर और संबंधित मंत्री के बीच राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं। पड़ोसी बनने का यह संयोग राजनीतिक रिश्तों को बदलेगा या नहीं, यह अलग सवाल है। हालांकि बिहार की राजनीति में इस घटनाक्रम ने एक दिलचस्प कहानी जरूर जोड़ दी है—जिस व्यक्ति की राजनीतिक पहचान पर कभी सवाल उठाया गया था, अब वही व्यक्ति उसी मंत्री के पड़ोस में रहने लगा है।