यूपी के 4,000 स्कूलों पर मंडरा रहा हाईटेंशन लाइनों का खतरा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्यव्यापी जांच के दिए निर्देश
लखनऊ, 04 अगस्त 2026 । उत्तर प्रदेश के हजारों स्कूलों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मुद्दा सामने आया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राज्य में उन स्कूलों की स्थिति पर चिंता जताई है, जिनके ऊपर या बेहद करीब से हाईटेंशन बिजली लाइनें गुजर रही हैं। अदालत के समक्ष प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, प्रदेश के लगभग 4,000 स्कूल ऐसे हैं जो इस संभावित खतरे की जद में हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए हाई कोर्ट ने संबंधित विभागों को व्यापक जांच कराने और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
यूपीपीसीएल के एमडी को पक्षकार बनाने का निर्देश
अदालत ने इस मामले में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के एमडी को पक्षकार बनाने का निर्देश दिया। अपर महाधिवक्ता को आदेश की जानकारी सक्षम अधिकारी को देने को कहा है, ताकि अगली सुनवाई तक उनका पक्ष मिल सके।
अदालत ने कहा कि स्कूल बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी राज्य सरकार और संबंधित विभागों की है। यदि किसी स्कूल के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है या वह निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रही है, तो यह विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है। इसलिए ऐसे सभी स्कूलों का सर्वे कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए और जहां आवश्यकता हो वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
हाई कोर्ट ने बिजली विभाग, शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया है। अदालत का मानना है कि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त निरीक्षण, तकनीकी मूल्यांकन और समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किन स्कूलों में बिजली लाइनों को स्थानांतरित करने, ऊंचाई बढ़ाने या अन्य सुरक्षा उपाय अपनाने की आवश्यकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, स्कूल परिसरों के ऊपर से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइनें दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं, खासकर खराब मौसम, लाइन टूटने या निर्माण कार्य के दौरान। ऐसे मामलों में समय रहते सुरक्षा उपाय अपनाना बच्चों की जान-माल की सुरक्षा के लिए बेहद आवश्यक है। अदालत के निर्देशों के बाद उम्मीद की जा रही है कि राज्य सरकार सभी प्रभावित स्कूलों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कदम उठाएगी, जिससे भविष्य में किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।