ब्राह्मणों पर विवादित टिप्पणी से बढ़ा सियासी बवाल, SP प्रवक्ता के बयान पर FIR दर्ज; बृजेश पाठक ने अखिलेश यादव से मांगा जवाब

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गाजियाबाद/लखनऊ , 13 मई 2026 । उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण समाज को लेकर की गई एक कथित विवादित टिप्पणी ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। समाजवादी पार्टी के एक प्रवक्ता के बयान को लेकर ब्राह्मण समाज में भारी नाराजगी देखी जा रही है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की कविनगर थाना पुलिस ने समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी के खिलाफ कथित तौर पर ब्राह्मण समाज के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की। इस मुद्दे ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है और सत्तारूढ़ दल ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है।

 उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का ”असली चरित्र और घृणित सोच” एक बार फिर सामने आ गई है, जबकि कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने भी भाटी की टिप्पणी को निंदनीय बताया।

पुलिस के अनुसार, यह प्राथमिकी भारतीय जनता पार्टी के नेता डॉ. अजय शर्मा की शिकायत पर कविनगर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1) (धर्म या अन्य आधारों पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत दर्ज की गई है। शिकायत में शर्मा ने आरोप लगाया कि ब्राह्मण समाज के खिलाफ की गई टिप्पणियों से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं और भाटी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। भाटी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी का ”असली चरित्र और उसकी घृणित मानसिकता” फिर उजागर हो गई है।

जानकारी के अनुसार विवाद तब बढ़ा जब सोशल मीडिया और टीवी डिबेट से जुड़ा एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें SP प्रवक्ता की कथित टिप्पणी को लेकर ब्राह्मण संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई। कई संगठनों ने आरोप लगाया कि बयान समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। इसके बाद विभिन्न जिलों में शिकायतें दर्ज कराई गईं और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण वोट बैंक हमेशा से अहम माना जाता रहा है। ऐसे में इस तरह के विवादित बयान चुनावी माहौल में बड़े राजनीतिक मुद्दे का रूप ले सकते हैं। भाजपा इस मुद्दे को सामाजिक सम्मान और सांस्कृतिक अस्मिता से जोड़कर पेश कर रही है, जबकि समाजवादी पार्टी की ओर से अभी तक विस्तृत आधिकारिक सफाई का इंतजार किया जा रहा है।

वहीं ब्राह्मण समाज से जुड़े कई संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि विवादित टिप्पणी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से ट्रेंड कर रहा है और राजनीतिक बयानबाजी लगातार बढ़ती जा रही है।

फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो, बयान के संदर्भ और शिकायतों की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक माहौल और गर्माने की संभावना जताई जा रही है।

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