अमृतसर के कथित ‘साइको किलर’ का यूपी में एनकाउंटर, पूर्व फौजी से अपराधी बनने की कहानी ने चौंकाया
अमृतसर , 12 मई 2026 । अमृतसर से जुड़े चर्चित कथित ‘साइको किलर’ का उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में पुलिस एनकाउंटर होने की खबर के बाद सनसनी फैल गई है। आरोपी पर कई गंभीर आपराधिक वारदातों में शामिल होने के आरोप थे और पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। बताया जा रहा है कि आरोपी का अतीत काफी अलग था, क्योंकि वह कभी सेना से जुड़ा रहा था और बाद में अपराध की दुनिया में उतर गया।
आरोपी की पहचान अमृतसर के रहने वाले 45 साल के गुरप्रीत सिंह के रूप में हुई है जिसने 26 घंटे में 3 लोगों की बेवजह गोलियां मारकर हत्या की थी। इन तीनों वारदातों को उसने चलती ट्रेन और अस्पताल में अंजाम दिया था। खबर मिली है कि 2021 में उसे फौज से बर्खास्त कर दिया गया था।
जानकारी के अनुसार 10 मई को उसने 34 साल के युवक की पैसेंजर ट्रेन में गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने 10-11 मई की रात 2 बजे के करीब जम्मूतवी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे एक और यात्री को गोली मार कर मौत के घाट उतार दिया। वहीं अगले दिन 11 मई को सुबह उसने एक निजी अस्पताल में भर्ती महिला को गोली मार दी थी। इन तीनों वारदातों में आरोपी ने लोगों की कनपटी में गोली मारी था।
सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि एक पूर्व फौजी आखिर अपराध की राह पर कैसे चल पड़ा। शुरुआती जानकारी में मानसिक तनाव, निजी विवाद और आपराधिक संपर्कों को संभावित कारणों के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि पुलिस और जांच एजेंसियां आरोपी के पूरे बैकग्राउंड और अपराध नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।
इस घटनाक्रम ने समाज में मानसिक स्वास्थ्य, पूर्व सैनिकों के पुनर्वास और अपराध की ओर बढ़ते युवाओं जैसे मुद्दों पर भी बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार व्यक्तिगत तनाव, सामाजिक अलगाव और गलत संगत व्यक्ति को हिंसक रास्ते की ओर धकेल सकते हैं।
सोशल मीडिया और स्थानीय इलाकों में इस मामले को लेकर भारी चर्चा है। लोग यह जानना चाहते हैं कि आरोपी किन परिस्थितियों में इतना खतरनाक अपराधी बना। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।