पंजाब में नगर निगम और परिषद चुनाव का बिगुल बजा, वोटिंग तारीखों के ऐलान के बाद राजनीतिक हलचल तेज

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पंजाब , 11 मई 2026 । पंजाब में एक बार फिर चुनाव होने जा रहा है। नगर निगम और नगर परिषद चुनावों की तारीखों के ऐलान के साथ ही राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म हो गया है। राज्य निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव आयोग की घोषणा के बाद अब उम्मीदवार चयन, प्रचार रणनीति और स्थानीय मुद्दों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं।

इन जिलों में होगे चुनाव

इलेक्शन कमिश्नर ने बताया कि मोहाली, मोगा, बटाला, बरनाला, कपूरथला, अबोहर, बठिंडा और पठानकोट नगर निगमों के लिए चुनाव होंगे। आज से ही आचार संहिता लागू हो गई है। उन्होंने कहा कि चुनाव के लिए नॉमिनेशन 13 मई से फाइल किए जा सकेंगे। नॉमिनेशन फाइल करने की आखिरी तारीख 16 मई होगी। 18 मई को स्क्रूटनी होगी और 19 मई को नॉमिनेशन वापस लिए जा सकेंगे। वोटिंग सुबह 8 बजे से शुरू होगी और शाम 5 बजे तक चलेगी।

इन चुनावों को राज्य की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि नगर निगम और परिषद स्तर पर जनता का फैसला आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों की दिशा भी तय कर सकता है। शहरों में विकास, सफाई व्यवस्था, पानी, सड़क और स्थानीय प्रशासन जैसे मुद्दे इस बार चुनावी बहस के केंद्र में रहने वाले हैं। राजनीतिक दल जनता को अपने पक्ष में करने के लिए लगातार जनसभाएं और प्रचार अभियान शुरू कर रहे हैं।

चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार निर्धारित तारीख पर मतदान कराया जाएगा, जबकि मतगणना उसके कुछ दिनों बाद की जाएगी। प्रशासन ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाने की संभावना है और मतदान केंद्रों पर निगरानी के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे।

Election Commission of India की ओर से सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को आदर्श आचार संहिता का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया प्रचार, रैलियों और सार्वजनिक सभाओं पर भी प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। चुनावी माहौल के बीच राज्य के कई शहरों में राजनीतिक पोस्टर, बैनर और जनसंपर्क अभियान तेज हो गए हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि इन स्थानीय निकाय चुनावों में जनता की नाराजगी और विकास कार्यों का असर साफ दिखाई दे सकता है। यही कारण है कि सभी दल इन चुनावों को प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देख रहे हैं। आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति और अधिक गर्म होने की संभावना है।

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