सराफा बाजार में 5 किलो सोने का घोटाला: बाप-बेटे की चालाकी से ज्वैलर को करोड़ों का नुकसान

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लुधियाना , 04 मई 2026 । देश के सराफा बाजार में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बाप-बेटे की जोड़ी ने बेहद शातिर तरीके से एक ज्वैलर को करीब 5 किलो सोने का चूना लगा दिया। यह मामला न सिर्फ व्यापारिक जगत के लिए चिंता का विषय है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और विश्वास आधारित लेन-देन पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

जानकारी के मुताबिक मलेरकोटला के रहने वाले शिकायतकर्ता अमरजीत सिंह, जो कि अमरगढ़ में होलसेल ज्वैलरी का काम करते हैं और लुधियाना के सराफा बाजार में अपने बेटे के साथ दुकान चलाते हैं, ने पुलिस को बताया कि आरोपी दविंदर सिंह उर्फ हैप्पी ज्वैलर और उसका बेटा राजवीर सिंह उर्फ राहुल वासी हरनामा कॉलोनी, अमरगढ़ उनसे अक्सर उधार पर गहने लेते थे। शुरुआत में समय पर भुगतान कर आरोपियों ने अमरजीत का अटूट विश्वास जीत लिया और इसी भरोसे की आड़ में बड़ी साजिश रच डाली। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने अलग-अलग मौकों पर साजिश के तहत करीब 5.035 किलो सोने के गहने लिए लेकिन जब भुगतान का समय आया तो वे अपनी बात से मुकर गए।

आरोपियों ने पहले ज्वैलर के साथ भरोसेमंद संबंध बनाए। कई बार छोटे-छोटे लेन-देन कर उन्होंने अपनी साख मजबूत की और समय पर भुगतान कर ज्वैलर का विश्वास जीत लिया। इसके बाद उन्होंने बड़ी मात्रा में सोने की डील करने का प्रस्ताव रखा। ज्वैलर ने पहले के अनुभव के आधार पर बिना ज्यादा संदेह किए उन्हें करीब 5 किलो सोना दे दिया।

बताया जा रहा है कि इस सोने की कीमत करोड़ों रुपये में थी। डील के दौरान आरोपियों ने भुगतान के लिए नकली दस्तावेज, फर्जी ट्रांजेक्शन और झूठे बैंकिंग सबूत पेश किए। जब तक ज्वैलर को धोखाधड़ी का एहसास हुआ, तब तक आरोपी फरार हो चुके थे।

घटना के बाद ज्वैलर ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमों का गठन किया गया है। सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है ताकि जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ा जा सके।

यह घटना सराफा व्यापार में बढ़ते जोखिम और ठगी के नए तरीकों की ओर इशारा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ज्वैलर्स को अब हर बड़े लेन-देन में सख्त वेरिफिकेशन प्रक्रिया अपनानी चाहिए, डिजिटल पेमेंट की पुष्टि तुरंत करनी चाहिए और बिना पूरी जांच के भारी मात्रा में कीमती धातु सौंपने से बचना चाहिए।

इस तरह के मामलों से यह साफ होता है कि अपराधी अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर तकनीकी और मनोवैज्ञानिक रणनीतियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में व्यापारियों को सतर्क रहने के साथ-साथ साइबर और फाइनेंशियल फ्रॉड से बचाव के लिए अपडेट रहना बेहद जरूरी हो गया है।

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