गुजरात निकाय चुनाव: 10,050 सीटों में 732 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए
गुजरात , 28 अप्रैल 2026 । गुजरात में चल रहे निकाय चुनावों के बीच एक अहम आंकड़ा सामने आया है। कुल 10,050 सीटों में से 732 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं, जो स्थानीय स्तर की राजनीति में एक दिलचस्प संकेत माना जा रहा है।
15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों के नतीजे आज घोषित किए जाएंगे।
10,050 सीटों में से 732 सीटों पर निर्विरोध चुनाव हुआ है, जिनमें भाजपा 712 सीटों पर आगे है। राजकोट नगर निगम में भाजपा की जीत हुई है। वहीं, सूरत में अब तक भाजपा ने 23 सीटें जीती हैं, जबकि कांग्रेस ने एक सीट जीती है।
गुजरात में 26 अप्रैल को रविवार को स्थानीय और नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान हुआ था। निर्वाचन आयोग के अनुसार, 15 नगर निगमों में 55.1% मतदान हुआ। नगरपालिकाओं में 65.53%, जिला पंचायतों में 66.64% और तालुका पंचायतों में 67.26% वोटिंग दर्ज की गई थी।
निर्विरोध चुने जाने का मतलब है कि इन सीटों पर केवल एक ही उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल किया या अन्य उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस ले लिया, जिसके चलते चुनाव की जरूरत नहीं पड़ी। यह स्थिति कई बार राजनीतिक सहमति, मजबूत स्थानीय पकड़ या विपक्ष की कमजोरी को दर्शाती है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में निर्विरोध जीत यह दिखाती है कि कई क्षेत्रों में मुकाबला एकतरफा रहा। खासकर ग्रामीण और छोटे नगर निकायों में अक्सर स्थानीय समीकरण और सामाजिक संतुलन के चलते उम्मीदवारों को बिना मुकाबले जीत मिल जाती है।
इन चुनावों के नतीजे राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि निकाय स्तर पर मिली बढ़त आगे चलकर विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी प्रभाव डाल सकती है।
हालांकि, लोकतांत्रिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो निर्विरोध जीत को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं। जहां इसे राजनीतिक स्थिरता का संकेत माना जाता है, वहीं कुछ लोग इसे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की कमी के रूप में भी देखते हैं।
कुल मिलाकर, गुजरात निकाय चुनावों में यह आंकड़ा राज्य की जमीनी राजनीति और स्थानीय सत्ता समीकरणों की एक झलक पेश करता है।