“पालम अग्निकांड: शोक सभा में सियासी टकराव, BJP-AAP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प”

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नई दिल्ली , 20 मार्च 2026 । दिल्ली के पालम इलाके में हुए अग्निकांड के बाद आयोजित शोक सभा उस समय विवाद का केंद्र बन गई, जब भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। यह घटना उस वक्त हुई जब मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए थे। पालम इलाके में बुधवार को हुए भीषण अग्निकांड के बाद आयोजित शोक सभा गुरुवार को राजनीति का अखाड़ा बन गई। चार मंजिला इमारत में लगी आग में एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत को लेकर हुई इस शोक सभा में आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP)में कार्यकर्ताओं जमकर झड़प हुई। नेताओं के बीच तीखी बहस के बाद बात हाथापाई, नारेबाजी और कुर्सी फेंकने तक पहुंच गई, जिससे सभा में भगदड़ मच गई।

क्यों हुआ विवाद ?

घटना के विरोध में गुरुवार को राम चौक मार्केट बंद रहा और दोपहर 2 बजे शोक सभा का आयोजन किया गया था। विवाद तब शुरू हुआ जब शाम करीब 4 बजे AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि दमकल विभाग की गाड़ियो की सीढ़ियां समय पर नहीं खुली। पालम से बीजेपी विधायक कुलदीप सोलंकी ने इस बयान का कड़ा विरोध किया। इसी बहस ने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया। धक्का-मुक्की शुरू हो गई और भीड़ में से कुर्सियां भी चलाई गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में माहौल शांत था, लेकिन जैसे ही कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हुए, स्थिति तनावपूर्ण हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच तीखी बहस ने झड़प का रूप ले लिया।

मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों को अलग किया। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर काबू पा लिया गया है और आगे किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि संवेदनशील मौकों पर भी राजनीतिक दलों के बीच टकराव क्यों होता है। जहां एक ओर शोक सभा का उद्देश्य पीड़ितों को श्रद्धांजलि देना और उनके परिवारों को सांत्वना देना था, वहीं दूसरी ओर यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मंच बन गया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करती हैं, बल्कि पीड़ित परिवारों की भावनाओं को भी आहत करती हैं। ऐसे मौकों पर सभी दलों को संयम और संवेदनशीलता का परिचय देना चाहिए।

फिलहाल, प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है और मामले की निगरानी की जा रही है, ताकि आगे कोई विवाद न हो।

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