AJL जमीन मामले में भूपेंद्र हुड्डा को हाईकोर्ट से राहत, CBI कोर्ट का आरोप तय करने का आदेश रद्द

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पंजाब-हरियाणा, 26 फ़रवरी 2026 । एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) जमीन आवंटन मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupinder Singh Hooda को बड़ी कानूनी राहत मिली है। उच्च न्यायालय ने निचली अदालत द्वारा आरोप तय करने के आदेश को रद्द कर दिया।

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को पंचकूला के एजेएल (AJL) जमीन आवंटन मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है. पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंचकूला सीबीआई कोर्ट द्वारा आरोप तय करने के आदेश को रद्द कर दिया है. हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत सामग्री प्रथम दृष्टया किसी आपराधिक कृत्य को साबित नहीं करती.

CBI की स्पेशल कोर्ट द्वारा आरोप तय किए जाने के खिलाफ AJL और हुड्डा ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी. जिसमें स्पेशल कोर्ट की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी. जस्टिस त्रिभुवन दहिया की एकल पीठ ने फैसले में कहा कि बिना पर्याप्त आधार के आपराधिक मुकदमा जारी रखना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है. प्रथम दृष्टया आरोप साबित नहीं हो रहे. ऐसे में कोर्ट ने आरोप तय करने के आदेशों को खारिज कर दिया.

यह मामला Associated Journals Limited को जमीन आवंटन से जुड़ी कथित अनियमितताओं से संबंधित था। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि जमीन आवंटन प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ। वहीं बचाव पक्ष का तर्क था कि सभी प्रक्रियाएं वैधानिक प्रावधानों के तहत और नियमानुसार पूरी की गईं।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड और तथ्यों के आधार पर आरोप तय करने का निर्णय उचित नहीं था, इसलिए निचली अदालत का आदेश निरस्त किया जाता है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कानूनी मानकों के अनुरूप पर्याप्त आधार होना आवश्यक है, तभी किसी के खिलाफ आरोप तय किए जा सकते हैं।

इस फैसले के बाद मामले में आगे की कानूनी दिशा स्पष्ट होगी। जांच एजेंसी के पास उच्चतर अदालत में अपील का विकल्प मौजूद है।

यह निर्णय राजनीतिक और कानूनी दोनों ही हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि मामला लंबे समय से विवादों में रहा है।

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