82 साल का सिंगिंग करियर – 20 भाषाओं में 12,000 गानों से रचा अमर संगीत इतिहास

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नई दिल्ली,  13 अप्रैल 2026 । भारतीय संगीत जगत की सबसे वर्सेटाइल सिंगर आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है। उन्होंने अपनी आवाज से सात दशक तक फिल्म इंडस्ट्री पर राज किया। 10 साल की उम्र में पहला गाना गाने वाली आशा का सिंगिंग करियर 82 साल का रहा, जिसमें उन्होंने 12 हजार से ज्यादा गाने गाए। आशा का आखिरी गाना 2026 में रिलीज हुआ।

1947 में एक रिकॉर्डिस्ट ने आशा भोसले की आवाज को ‘खराब’ कहकर रिजेक्ट कर दिया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आशा ने संघर्ष जारी रखा और हिंदी-मराठी समेत 20 भाषाओं में गाने गाकर अपना नाम ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज कराया।

आशा भोसले ने 9 फिल्मफेयर जीते हैं। इनमें 7 बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड शामिल हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, आशा को 100 से ज्यादा प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स मिले। आशा को कुल 18 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया।

उन्होंने 1979 में इस अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट होने पर अपना नाम वापस ले लिया था ताकि नई गायिकाओं को मौका मिल सके। आशा ने मोहम्मद रफी के साथ करीब 900 और किशोर कुमार के साथ 600 से ज्यादा गाने गाए हैं।

सांगली में जन्म, पिता शास्त्रीय गायक रहे

आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था। वह प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित दीनानाथ मंगेशकर की बेटी थीं। घर में संगीत का माहौल शुरू से ही था। उनके भाई-बहन लता मंगेशकर, मीना खडीकर, उषा मंगेशकर और हृदयनाथ मंगेशकर भी संगीत की दुनिया से ही जुड़े रहे।

जब आशा सिर्फ 9 साल की थीं, तब 1942 में उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर का निधन हो गया। इससे परिवार पर आर्थिक संकट आ गया। परिवार को सहारा देने के लिए लता और आशा ने कम उम्र में गाना और फिल्मों में छोटी भूमिकाएं निभाना शुरू कर दिया था।

मराठी फिल्म से बॉलीवुड तक का सफर

आशा भोसले ने अपने सिंगिंग करियर की शुरुआत 1943 में एक मराठी फिल्म ‘माझा बाळ’ के गाने ‘चला चला नव बाड़ा’ से की थी। हिंदी सिनेमा में उन्हें पहला मौका 1948 में फिल्म ‘चुनरिया’ के गाने ‘सावन आया’ से मिला।

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