पंचकूला नगर निगम फ्रॉड केस—स्वाति तोमर ने किया सरेंडर, खाते में पहुंचे थे करीब ₹30 करोड़

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पंचकूला ,  07 अप्रैल 2026 । पंचकूला नगर निगम से जुड़े बहुचर्चित फ्रॉड मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इस केस की मुख्य आरोपी स्वाति तोमर ने आखिरकार सरेंडर कर दिया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस घोटाले में करीब 30 करोड़ रुपये संदिग्ध तरीके से अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए गए थे, जिनमें स्वाति तोमर का नाम प्रमुख रूप से सामने आया। महिला आरोपी स्वाति तोमर के वकील के अनुसार उसे बताया गया कि किसी प्रोजेक्ट में उसे सब कान्ट्रेक्टर बनाया जा रहा है। यह कहकर उससे कुछ दस्तावेज साइन करवाए गए थे। उसके बाद उससे बैंक अकाउंट के चैक साइन करवाए गए। जब रकम खाते में आई तो उसके कुछ समय में ही ट्रांसफर भी हो गई।

सूत्रों के मुताबिक, लंबे समय से फरार चल रही आरोपी पर पुलिस और जांच एजेंसियों का दबाव बढ़ता जा रहा था। लगातार छापेमारी और निगरानी के बाद आखिरकार उसने आत्मसमर्पण कर दिया। अब उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जिससे पूरे फ्रॉड नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद है।

जांच में सामने आया है कि नगर निगम से जुड़े फंड्स को फर्जी बिलों और दस्तावेजों के जरिए निकालकर विभिन्न खातों में ट्रांसफर किया गया। इस पूरे मामले में कई अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है, जिनकी तलाश जारी है।

अधिकारियों का कहना है कि इस घोटाले में शामिल सभी लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, ट्रांजैक्शन की पूरी चेन को खंगाला जा रहा है, ताकि पैसे के प्रवाह का पता लगाया जा सके।

इस मामले ने स्थानीय प्रशासन और वित्तीय निगरानी प्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों को रोकने के लिए पारदर्शिता और डिजिटल ट्रैकिंग को और मजबूत करना जरूरी है।

फिलहाल, सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पूछताछ में और कौन-कौन से नाम सामने आते हैं और इस घोटाले का दायरा कितना बड़ा निकलता है।

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