डिजिटल हेल्थ की ओर बड़ा कदम—सरकारी अस्पतालों में ‘स्मार्ट पर्चा’ से बदलेगी मरीजों की देखभाल व्यवस्था
ग्रेटर नोएडा, 01 अप्रैल 2026 । उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में अब मरीजों की सुविधा और उपचार प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ‘स्मार्ट पर्चा’ प्रणाली लागू की जा रही है। यह नई डिजिटल तकनीक पारंपरिक कागजी पर्चियों की जगह लेगी और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाएगी। ग्रेटर नोएडा सेक्टर 142 की टेक कंपनी (आई क्यू लाइन) ने स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बढाते हुए ‘स्मार्ट पर्चा’ नामक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित प्रणाली विकसित की है। यह नई तकनीक खासतौर पर सरकारी अस्पतालों के लिए तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य डॉक्टरों और मरीजों दोनों का समय बचाना और इलाज की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं आसान बनाना है।
‘स्मार्ट पर्चा’ दरअसल एक डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड सिस्टम है, जिसमें मरीज की पूरी जानकारी—जैसे नाम, उम्र, बीमारी, डॉक्टर की सलाह, जांच रिपोर्ट और दवाइयों का विवरण—ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। मरीज को एक यूनिक आईडी या क्यूआर कोड दिया जाएगा, जिसे स्कैन कर डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ तुरंत उसकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री देख सकेंगे।
Uttar Pradesh सरकार का मानना है कि इस प्रणाली से अस्पतालों में लंबी लाइनों से राहत मिलेगी और मरीजों को बार-बार पर्ची बनवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके साथ ही, गलत दवा या डुप्लिकेट रिकॉर्ड जैसी समस्याएं भी कम होंगी।
‘स्मार्ट पर्चा’ का एक बड़ा फायदा यह भी है कि मरीज किसी भी सरकारी अस्पताल में जाकर अपनी पुरानी रिपोर्ट और इलाज का रिकॉर्ड दिखा सकेगा, जिससे इलाज की निरंतरता बनी रहेगी। डॉक्टरों के लिए भी यह सिस्टम निर्णय लेने में मददगार साबित होगा।
इसके अलावा, इस तकनीक से स्वास्थ्य विभाग को डेटा एनालिसिस में भी मदद मिलेगी, जिससे बीमारियों के पैटर्न और स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।
हालांकि, इस नई व्यवस्था को सफल बनाने के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, इंटरनेट कनेक्टिविटी और स्टाफ ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान देना जरूरी होगा। सरकार का कहना है कि चरणबद्ध तरीके से इस प्रणाली को पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।