देहरादून , 28 मार्च 2026 । उत्तराखंड में शनिवार को ‘अर्थ आवर’ मनाने का फैसला लिया गया है। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने 28 मार्च को रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक ‘अर्थ आवर’ मनाने का फैसला लिया। इस दौरान राज्य के निवासियों से आग्रह किया गया है कि वे एक घंटे के लिए सभी गैर-जरूरी लाइटें और बिजली के उपकरण बंद रखें। ऊर्जा संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए इस प्रकार के छोटे-छोटे प्रयासों को जरूरी करार दिया जा रहा है। ऐसे में ‘अर्थ आवर’ मनाने के फैसले की चर्चा हो रही है।
यह पहल World Wide Fund for Nature (WWF) द्वारा शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य ऊर्जा संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना है। हर साल लाखों लोग और संस्थान इस अभियान में भाग लेते हैं।
राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों, संस्थानों, होटल-रिसॉर्ट और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे इस एक घंटे के दौरान गैर-जरूरी बिजली का उपयोग बंद रखें और पर्यावरण बचाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।उत्तराखंड सरकार की ओर से इस पहल का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देना बताया गया है। सरकार का कहना है कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य सुरक्षित करने के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘अर्थ आवर’ मनाने का फैसला लिया गया है। यह अभियान डब्लूडब्लूएफ इंडिया, नई दिल्ली से मिले एक संदेश के आधार पर चलाया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही एक घंटे की बिजली बचत से बहुत बड़ा बदलाव न दिखे, लेकिन यह एक प्रतीकात्मक कदम है जो लोगों में जिम्मेदारी और जागरूकता पैदा करता है। इससे ऊर्जा बचत की आदत विकसित होती है और पर्यावरण के प्रति सकारात्मक सोच बनती है।
इस दौरान लोग मोमबत्ती या वैकल्पिक साधनों का उपयोग कर सकते हैं और परिवार के साथ समय बिताकर इस पहल को एक सकारात्मक अनुभव में बदल सकते हैं।