राहुल गांधी पर गिरिराज सिंह का हमला, बोले— ऐसा LoP पहले कभी नहीं देखा

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पटना  , 10 मार्च 2026 । कांग्रेस नेता Rahul Gandhi को लेकर केंद्रीय मंत्री Giriraj Singh ने तीखा बयान दिया है। गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा नेता प्रतिपक्ष (LoP) पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने राहुल गांधी को लेकर “नकली गांधी परिवार के अंतिम अबोध युवराज” जैसी टिप्पणी भी की, जिससे राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।

केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने एक बार फिर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) पर निशाना साधा. उन्होंने कांग्रेस नेता पर करारा वार करते हुए कहा कि मैंने ऐसा नेता प्रतिपक्ष तो नहीं देखा. इनके पास कोई विजन नहीं है. सिर्फ अर्बन नक्सल की तरह व्यवहार करते हैं. राहुल को लेकर उन्होंने आगे कहा कि ये कांग्रेस के वही हैं जो मुगलिया सल्तनत के अंतिम बादशाह बहादुर शाह थे, ये नकली गांधी परिवार के अंतिम और अबोध युवराज है.

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “राहुल गांधी को हम लोग समझते थे कि अबोध बालक हैं. क्या बोलते हैं, क्या सोचते हैं, आप उनका इतिहास देख लीजिए. वह हर चीज में बैक करते हैं. नरवाणे में बैक कर गए. राफेल में बैक कर गए. हर चीज में वह बैक करते हैं. केवल एक चीज में वह अर्बन नक्सल की तरह पोज देंगे. मैं कांग्रेस को यह शुभकामनाएं देता हूं कि पार्टी उनके नेतृत्व में चलता रहे.”

केंद्रीय मंत्री का कहना है कि संसद में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, लेकिन राहुल गांधी उस जिम्मेदारी को सही तरीके से निभाने में असफल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल आरोप लगाने की राजनीति कर रहा है और ठोस मुद्दों पर चर्चा से बचता है।

वहीं कांग्रेस की ओर से इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस तरह की व्यक्तिगत टिप्पणी राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है और इससे स्वस्थ लोकतांत्रिक संवाद को नुकसान पहुंचता है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

भारतीय संसद में नेता प्रतिपक्ष का पद बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि यह सरकार की नीतियों की आलोचना और जवाबदेही तय करने का काम करता है। ऐसे में सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच बयानबाजी अक्सर तेज रहती है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार आने वाले समय में संसद के अंदर और बाहर दोनों ही जगह सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है, क्योंकि कई बड़े मुद्दों पर राजनीतिक मतभेद लगातार बढ़ते नजर आ रहे हैं।

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