योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान – “बाबरी ढांचा कयामत के दिन तक नहीं बनेगा
बाराबंकी, 10 फ़रवरी 2026 । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए अयोध्या से जुड़े मुद्दे पर तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि बाबरी ढांचा “कयामत के दिन तक नहीं बनेगा।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और विपक्ष ने इस पर प्रतिक्रिया भी दी है।
यह बात सीएम योगी ने मंगलवार को बाराबंकी में कही। उन्होंने कहा- ये डबल इंजन की सरकार है। हम लोगों ने कहा था ना, रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। बन गया न मंदिर। कोई संदेह है।
राम को भूल जाते हैं, इसलिए भगवान राम भी उनको भूल चुके हैं। अब उनकी नैया कभी पार नहीं होगी। उन्हें कभी आगे नहीं बढ़ना। रामद्रोहियों के लिए अब कोई जगह नहीं। जो रामभक्तों पर गोली चला रहे थे, अब इन लोगों के लिए कोई जगह नहीं। राम सबके हैं, इसमें भेद नहीं। कुछ अवसरवादी राम को भूल जाते हैं।
मुख्यमंत्री का यह बयान राम मंदिर निर्माण के संदर्भ में आया, जिसे वे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बताते रहे हैं। गौरतलब है कि 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में विवादित भूमि राम जन्मभूमि न्यास को सौंपने का आदेश दिया था और मस्जिद निर्माण के लिए अलग से 5 एकड़ जमीन देने का निर्देश दिया था। इसके बाद 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री की उपस्थिति में राम मंदिर का भूमि पूजन हुआ था और वर्तमान में मंदिर निर्माण का कार्य अंतिम चरणों में माना जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि अयोध्या अब आस्था और विकास दोनों का केंद्र बन चुकी है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राम मंदिर के कारण पर्यटन, बुनियादी ढांचे और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लाखों की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।
विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री के बयान को राजनीतिक बताया और कहा कि धार्मिक मुद्दों को चुनावी मंच से जोड़ना उचित नहीं है। वहीं समर्थकों का कहना है कि यह बयान अदालत के फैसले और मौजूदा कानूनी स्थिति की पुष्टि मात्र है।
इस बयान ने एक बार फिर अयोध्या और बाबरी मस्जिद–राम मंदिर विवाद को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में ला दिया है। आने वाले समय में यह देखना होगा कि इस पर राष्ट्रीय स्तर पर कैसी प्रतिक्रिया सामने आती है।