परीक्षा पे चर्चा: पीएम मोदी की सलाह – टेक्नोलॉजी का गुलाम नहीं, मालिक बनें छात्र
नई दिल्ली, 09 फ़रवरी 2026 । ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी का उपयोग करें, लेकिन उसके गुलाम न बनें। उन्होंने जोर देकर कहा कि मोबाइल, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पढ़ाई में सहायक हो सकते हैं, लेकिन उनका अत्यधिक इस्तेमाल ध्यान भटका सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ‘परीक्षा पे चर्चा’ के 9वें एडिशन के दूसरे एपिसोड में देशभर से आए छात्रों से मुलाकात की।
पीएम मोदी कोयंबटूर से छत्तीसगढ़ पहुंचे और बच्चों से बात की। इसके बाद पीएम गुवाहाटी के अष्टलक्ष्मी पहुंचे। पीएम ने कहा कि कभी भी टेक्नोलॉजी का गुलाम नहीं बनना चाहिए। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल क्षमता बढ़ाने में करें।
दूसरे एपिसोड में पीएम मोदी ने बच्चों को पढ़ने के साथ, लिखकर प्रैक्टिस करने की सलाह दी। साथ ही बच्चों से कहा कि पहले निडर बनो फिर लीडर बन जाओगे।
पीएम ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर छात्र रोज 6–7 घंटे स्क्रीन पर बिताते हैं, तो यह समय उनकी एकाग्रता और मानसिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि पढ़ाई के दौरान डिजिटल डिटॉक्स अपनाएं—जैसे हर 45–60 मिनट पढ़ाई के बाद 5–10 मिनट का ब्रेक लें, लेकिन उस समय भी मोबाइल से दूरी बनाए रखें।
उन्होंने छात्रों को समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उनका कहना था कि टेक्नोलॉजी को सीखने का साधन बनाएं—ऑनलाइन लेक्चर, शैक्षणिक ऐप्स और ई-बुक्स का उपयोग करें—लेकिन गेमिंग और अनावश्यक स्क्रॉलिंग से बचें। पीएम ने यह भी कहा कि असली प्रतिस्पर्धा दूसरों से नहीं, खुद से होती है।
कार्यक्रम में देशभर से जुड़े छात्रों ने परीक्षा तनाव, करियर विकल्प और माता-पिता की अपेक्षाओं पर सवाल पूछे। पीएम ने छात्रों को आत्मविश्वास बनाए रखने, सकारात्मक सोच अपनाने और अपनी रुचि के अनुसार लक्ष्य तय करने की सलाह दी।
‘परीक्षा पे चर्चा’ हर वर्ष बोर्ड परीक्षाओं से पहले आयोजित किया जाता है, जिसमें लाखों छात्र ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से जुड़ते हैं।