I-PAC रेड मामला — सुप्रीम कोर्ट में आज फिर हुई सुनवाई, ED की याचिका और हाई कोर्ट के फैसलों पर नई बेंच का रुख
नई दिल्ली/कोलकाता, 03 फ़रवरी 2026 । I-PAC रेड मामले में सुप्रीम कोर्ट (SC) आज यानी 3 फरवरी 2026 को अहम सुनवाई कर रहा है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर याचिका को बेंच दोबारा सुना। यह मामला उस छापेमारी से जुड़ा है जो I-PAC (Indian Political Action Committee) के कार्यालय और उसके सह-संस्थापक के घर में कोलकाता में जनवरी की शुरुआत में की गई थी।
इस याचिका में **ED ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि पश्चिम बंगाल सरकार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, कोलकाता पुलिस कमिश्नर और राज्य DGP के खिलाफ FIR दर्ज की जाएँ और आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई हो, क्योंकि ED का कहना है कि छापेमारी के दौरान जांच अधिकारियों के काम में कथित हस्तक्षेप, बाधा डालना और सबूतों के हटाए जाने जैसे गंभीर आरोप हैं।
सुप्रीम कोर्ट में आज इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के कोलकाता ऑफिस पर डाली गई रेड मामले पर सुनवाई होगी। यह रेड कोयला तस्करी घोटाले की जांच में 8 जनवरी को की गई थी।
ED ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ याचिका दायर की है। आरोप है कि रेड के दौरान CM ममता मौके पर बंगाल पुलिस के अफसरों के साथ पहुंचीं और अपने साथ सबूत लेकर चली गईं।
14 जनवरी को हुई सुनवाई में जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने कहा था कि सरकार ED के काम में दखल न डालें। एजेंसी को अपना काम करने दें। कोर्ट ने ED अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR पर भी रोक लगाई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार को नोटिस जारी करके 2 हफ्तों में जवाब मांगा था। 2 फरवरी को राज्य सरकार ने नोटिस के जवाब में कहा- एजेंसी की याचिका सुनवाई लायक नहीं है। इस तरह का मामला पहले से कलकत्ता हाईकोर्ट में चल रहा है, इसलिए दो संवैधानिक अदालतों में एक साथ कार्यवाही नहीं हो सकती। ED की ओर से यह भी तर्क रखा गया है कि मुख्यमंत्री सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कथित रूप से सबूत हटाए, जिससे जांच प्रभावित हुई और यह “अत्यंत गंभीर” मामला है, जबकि पश्चिम बंगाल सरकार ने अदालत को बताया है कि ये आरोप “बिना ठोस सबूत” हैं और यह याचिका अपना आधार नहीं रखती।