नई दिल्ली, वीमेंस प्रीमियर लीग (WPL) 2026 का रोमांच अपने चरम पर है और आज खेला जा रहा पहला एलिमिनेटर मुकाबला — दिल्ली कैपिटल्स (DC) बनाम गुजरात जायंट्स (GG)। यह मुकाबला सीधा नॉकआउट है: हारने वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर, जबकि जीतने वाली टीम को फाइनल में पहुंचने की उम्मीद जिंदा रखने का मौका मिलेगा। ऐसे मैचों में फॉर्म से ज्यादा नर्व कंट्रोल और गेम सेंस मायने रखता है।
दिल्ली कैपिटल्स (DC) की ताकत
DC इस सीजन में संतुलित टीम के रूप में उभरी है।
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टॉप ऑर्डर की स्थिरता: पावरप्ले में मजबूत शुरुआत, जिससे मिडिल ऑर्डर पर दबाव कम रहता है।
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ऑलराउंड विकल्प: बल्लेबाजी गहराई के साथ अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प, जो कप्तान को लचीलापन देते हैं।
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स्पिन अटैक: मिडिल ओवर्स में रन गति रोकने और विकेट निकालने की क्षमता DC की बड़ी ताकत रही है।
अगर DC पावरप्ले में विकेट बचाकर 45+ रन बना लेती है, तो बड़े स्कोर की नींव पड़ सकती है।
विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में चौथे सीजन का एलिमिनेटर आज गुजरात जायंट्स (GG) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) के बीच खेला जाएगा। वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम में मुकाबला शाम 7.30 बजे से शुरू होगा। टॉस 7 बजे होगा। इस मैच को जीतने वाली टीम 5 फरवरी को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से वडोदरा में ही फाइनल खेलेगी।
इस सीजन गुजरात ने दोनों मैच जीते गुजरात और दिल्ली के बीच WPL में अब तक 8 मुकाबले खेले गए। 4-4 में दोनों को जीत मिली। इस सीजन दोनों मैच गुजरात के नाम रहे। टीम ने नवी मुंबई में 4 रन और वडोदरा में 3 रन से करीबी मुकाबला जीता। दिल्ली दोनों ही बार आखिरी ओवर में टारगेट हासिल करने से चूक गई।
गुजरात जायंट्स (GG) की चुनौती
GG का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन टीम में मैच पलटने वाली पावर-हिटर्स मौजूद हैं।
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एक्सप्लोसिव बल्लेबाजी: डेथ ओवर्स में तेजी से रन बटोरने की क्षमता
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तेज गेंदबाजी यूनिट: नई गेंद से शुरुआती झटके देने में सक्षम
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अंडरडॉग फैक्टर: नॉकआउट में दबाव कम होने से GG खुलकर खेल सकती है
GG की जीत का रास्ता DC के टॉप ऑर्डर को जल्दी तोड़ने से होकर जाता है।
मैच के निर्णायक फैक्टर
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पावरप्ले का उपयोग – शुरुआती 6 ओवर मैच की दिशा तय करेंगे
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स्पिन बनाम पावर-हिटिंग – मिडिल ओवर्स की लड़ाई अहम
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डेथ ओवर बॉलिंग – आखिरी 4 ओवर में 10–12 रन प्रति ओवर रोकना चुनौती
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फील्डिंग प्रेशर – कैच ड्रॉप या मिसफील्ड नॉकआउट में भारी पड़ सकती है
मानसिक मजबूती की परीक्षा
एलिमिनेटर मुकाबलों में स्कोर से ज्यादा सिचुएशन हैंडलिंग मायने रखती है। एक साझेदारी, एक रन-आउट या एक ओवर पूरे मैच का रुख बदल सकता है। कप्तानी निर्णय—बॉलिंग चेंज, फील्ड सेटिंग और DRS—भी निर्णायक होंगे।