कांग्रेस बोली — “वॉशिंगटन में मोगैम्बो खुश है, मोदी ने हार मानी” व्यापार समझौते पर तंज और राजनीतिक विवाद
नई दिल्ली, 03 फ़रवरी 2026 । भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील में टैरिफ कटौती की घोषणा के बाद राजनीति गरमा गई है, जहां विपक्षी दल कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस सौदे पर तंज कसते हुए कहा कि “वॉशिंगटन में मोगैम्बो खुश है” और आरोप लगाया कि मोदी अमेरिकी दबाव के आगे झुक गए हैं और उन्होंने “हार मान ली है।” कांग्रेस ने इस टिप्पणी में 1987 की फिल्म मिस्टर इंडिया के मशहूर डायलॉग का व्यंग्यात्मक संदर्भ भी लगाया है।
कांग्रेस ने यह सवाल उठाया है कि इस डील से भारत को महत्वपूर्ण निर्णयों और नीतियों की जानकारी खुद भारत सरकार की ओर से क्यों नहीं दी जा रही, बल्कि कई बार यह अमेरिका या उसके अधिकारियों के माध्यम से सामने आ रही है। पार्टी का तर्क है कि इससे भारत की विदेश नीति और कूटनीतिक संतुलन पर प्रश्न खड़े होते हैं और यह मोदी सरकार की “ट्रंप-निर्भरता” को दर्शाता है।
कांग्रेस ने अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने X पर लिखा- वॉशिंगटन में मोगैम्बो खुश है। ऐसा लग रहा है कि PM मोदी ने आखिरकार हार मान ली है।
उन्होंने लिखा कि भारत को अपनी ही सरकार की कार्रवाइयों की जानकारी ट्रम्प या उनके नियुक्त प्रतिनिधियों से मिलती है। अब यह रूटीन बनता जा रहा है। कांग्रेस के X पोस्ट में लिखा गया कि सीजफायर (ऑपरेशन सिंदूर) की तरह ट्रेड डील की घोषणा भी ट्रम्प की ओर से की गई। बताया गया ‘मोदी की रिक्वेस्ट’ पर ट्रेड डील की जा रही है।
कांग्रेस ने लिखा कि यह भी बताया गया कि मोदी रूस से तेल नहीं खरीदेंगे, अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीदेंगे। क्या ट्रेड डील में मोदी सरकार रूस का साथ छोड़ने पर राजी हुई है। अमेरिका से ज्यादा सामान खरीदने की बात भी कही गई, अगर ऐसा है तो ‘मेक इन इंडिया’ का क्या हुआ।
दरअसल, ट्रम्प ने सोमवार को भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि भारत अब रूस से तेल खरीदना अब बंद कर देगा। वहीं, सरकार एवं सत्तापक्ष इसे अर्थव्यवस्था और द्विपक्षीय संबंधों में एक उपलब्धि कहकर प्रचारित कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर लगाया गया टैरिफ 50% से घटाकर लगभग 18% कर दिया है, जबकि मोदी सरकार ने इस निर्णय के लिए ट्रंप को धन्यवाद भी कहा है और इसे दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने वाला कदम बताया है।
कांग्रेस का यह तंज इस व्यापक राजनीतिक बहस का हिस्सा है, जिसमें विपक्ष यह कह रहा है कि यह समझौता भारत के हितों के अनुरूप पारदर्शी रूप से सामने नहीं आया और इसे प्रचारित तरीके से पेश किया जा रहा है। इस बयान ने राजनीतिक वाद-विवाद को और अधिक उभारा है, खासकर जब यह राष्ट्रीय विदेश नीति और आर्थिक संतुलन के महत्वपूर्ण मामलों से जुड़ा हुआ है।