अगस्ता वेस्टलैंड फिर करेगा भारतीय सेना को हेलिकॉप्टर सप्लाई — दशक पुरानी बंदिशों के बाद रक्षा क्षेत्र में वापसी

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नई दिल्ली, 03 फ़रवरी 2026 । इटली स्थित हेलिकॉप्टर निर्माता अगस्ता वेस्टलैंड (AgustaWestland) रक्षा क्षेत्र में भारतीय सेना के लिए हेलिकॉप्टर सप्लाई फिर से शुरू करने जा रही है, लगभग एक दशक बाद जब यह कंपनी वीवीआईपी हेलिकॉप्टर विवाद (AgustaWestland घोटाला) के कारण भारतीय रक्षा ठेकों से दूर रही थी।

इटली की कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड क्लीन चिट मिलने के पांच साल बाद फिर भारत के रक्षा क्षेत्र में एंट्री करने जा रही है। यह वही कंपनी है, जिसका नाम बहुचर्चित VVIP हेलिकॉप्टर कांड से जुड़ा था। इसने करीब एक दशक तक भारतीय राजनीति को झकझोर दिया था।

अगस्ता की पैतृक कंपनी लियोनार्डो के साथ अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस की डील को अंतिम रूप दिया जा चुका है। अडाणी ग्रुप के अनुसार इसकी औपचारिक घोषणा मंगलवार को होगी। लियोनार्डो कभी फिनमैकेनिका के नाम से जानी जाती थी।

अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला ₹3,600 करोड़ का एक VVIP हेलिकॉप्टर खरीद घोटाला है। इसमें कंपनी पर 12 एडब्ल्यू-101 (AW-101) हेलिकॉप्टर की खरीद में भारतीय वायुसेना के अधिकारियों और बिचौलियों को लगभग ₹360 करोड़ की रिश्वत देने का आरोप है।

भारत ने 2014 में इस सौदे को औपचारिक रूप से रद्द करने के बाद कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया गया था। सबूतों के अभाव में पहले इटली की अदालत ने और बाद में नवंबर 2021 में रक्षा मंत्रालय ने अगस्ता वेस्टलैंड को क्लीन चिट दे दी थी।

UPA सरकार के दौरान हुआ अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला

यह सौदा 2010 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार के दौरान इटली की कंपनी फिनमैकेनिका की सहायक कंपनी ‘अगस्ता वेस्टलैंड’ के साथ हुआ था। 2013 में इटली की जांच एजेंसियों ने रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच शुरू की।

सौदे में बिचौलियों की भूमिका सामने आई। मामला CBI को सौंपा गया और नौबत यह भी आई कि सौदे के समय वायु सेना प्रमुख रहे एयर चीफ मार्शल एसपी त्यागी और कुछ अन्य लोगों को जेल भी जाना पड़ा।

अब कंपनी रक्षा क्षेत्र में नया अवसर पाने के उद्देश्य से वापस लौट रही है और यह कदम भारतीय सेना के साथ सहयोग को फिर से शुरू करने जैसा माना जा रहा है। इसके तहत अगस्ता वेस्टलैंड आर्म्ड फोर्सेज के लिए हेलिकॉप्टर सप्लाई करेगी, जिसमें सैन्य प्रयोजन के हेलिकॉप्टर शामिल हो सकते हैं, और यह साझेदारी अदानी डिफेंस और एयरोस्पेस के साथ मिलकर काम करने के रूप में सामने आ रही है। यह वापसी भारतीय रक्षा डीलरों और विदेशी साझेदारों के बीच गुणवत्ता, विश्वसनीयता और रणनीतिक संबंधों को नई दिशा देने वाली कदम मानी जा रही है। ऐसे समय में जब भारतीय रक्षा बल अपनी क्षमता को बढ़ाने के लिए उच्च स्तरीय हेलिकॉप्टरों की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं, यह साझेदारी रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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