BMC मेयर पद पर फिर शिवसेना की नजर—दावेदारी के संकेतों से मुंबई की राजनीति गरमाई

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मुंबई, 20 जनवरी 2026 । मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मेयर पद को लेकर एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। शिवसेना ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह आगामी राजनीतिक समीकरणों में BMC मेयर पद पर अपनी दावेदारी मजबूत तरीके से पेश करेगी। इन संकेतों के बाद मुंबई की सियासत में नई बहस छिड़ गई है और आने वाले दिनों में नगर राजनीति और अधिक सक्रिय होती नजर आ रही है।

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने सोमवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) मेयर पद पर शिवसेना की दावेदारी के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि 23 जनवरी से शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की जन्मशती वर्ष की शुरुआत हो रही है। शिवसैनिकों की इच्छा है कि इस मौके पर BMC में शिवसेना का मेयर होना चाहिए।

हालांकि शिंदे ने यह भी स्पष्ट किया कि शिवसेना कोई ऐसा फैसला नहीं करेगी जो जनादेश के खिलाफ हो। उन्होंने याद दिलाया कि BMC चुनाव शिवसेना और बीजेपी ने गठबंधन में लड़ा था। जिन नगर निगमों में शिवसेना और बीजेपी ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा है, वहां महायुति का ही मेयर बनेगा।

महाराष्ट्र में BMS समेत 29 नगर निगमों में 15 जनवरी को चुनाव हुए थे और 16 जनवरी को रिजल्ट आया था। BMC के 227 सीटों में भाजपा को 89 और शिंदे गुट को 29 सीटें मिली थीं। मेयर के लिए बहुमत का आंकड़ा 114 है। इसके लिए भाजपा को शिंदे गुट के 25 पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी।

नतीजों के बाद शिवसेना ने अपने 29 पार्षदों को बांद्रा के होटल ताज लैंड्स एंड में ठहराया है। हालांकि, पार्टी का कहना है कि होटल में पार्षदों के लिए ओरिएंटेशन वर्कशॉप किया जा रहा है, ताकि उन्हें देश की सबसे समृद्ध नगर निकाय BMC के कामकाज की जानकारी दी जा सके।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, BMC मेयर पद सिर्फ एक संवैधानिक पद नहीं, बल्कि मुंबई की सत्ता और प्रशासनिक नियंत्रण का अहम केंद्र माना जाता है। बजट, विकास परियोजनाओं और नीतिगत फैसलों में मेयर की भूमिका बेहद प्रभावशाली होती है। यही वजह है कि शिवसेना इस पद को लेकर आक्रामक रणनीति अपनाने के संकेत दे रही है।

शिवसेना की दावेदारी के संकेतों के बाद अन्य दलों की सक्रियता भी बढ़ गई है। संभावित गठबंधनों, सीटों के बंटवारे और रणनीतिक समीकरणों पर अंदरखाने मंथन तेज हो गया है। माना जा रहा है कि जैसे-जैसे BMC से जुड़े फैसले नजदीक आएंगे, राजनीतिक बयानबाजी और तेज होगी।

कुल मिलाकर, BMC मेयर पद को लेकर शिवसेना के ताजा संकेत यह साफ कर रहे हैं कि पार्टी मुंबई की राजनीति में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए पूरी ताकत झोंकने को तैयार है। आने वाला समय तय करेगा कि यह दावेदारी किस हद तक राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करती है।

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