कर्नाटक में बड़ा प्रशासनिक कदम—DGP लेवल के अधिकारी रामचंद्र राव सस्पेंड, पुलिस महकमे में हलचल
बेंगलुरु, 20 जनवरी 2026 । कर्नाटक में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फैसला लेते हुए राज्य सरकार ने DGP रैंक के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रामचंद्र राव को सस्पेंड कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है। रामचंद्र राव राज्य के वरिष्ठतम अधिकारियों में गिने जाते थे और उनके खिलाफ कार्रवाई को बेहद अहम माना जा रहा है।
कर्नाटक पुलिस के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस DGP (सिविल राइट्स एनफोर्समेंट) को सस्पेंड कर दिया गया है। सोमवार (19 जनवरी) को उनका एक अश्लील वीडियो सामने आया था, जिसके बाद सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है।
वायरल वीडियो में DGP के. रामचंद्र राव कई महिलाओं के साथ आपत्तिजनक हालत में दिख रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद CM सिद्धरमैया ने कहा था कि अगर अधिकारी दोषी पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी।
वीडियो वायरल होने के बाद DGP गृह मंत्री जी परमेश्वर से मिलने पहुंचे लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी।
रामचंद्र राव का करियर लंबे समय तक प्रभावशाली रहा है और उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभाई है। ऐसे में DGP लेवल के अधिकारी पर कार्रवाई को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया से कहीं अधिक गंभीर माना जा रहा है। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हैं और इसे कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में सरकार की सख्त नीति के तौर पर देखा जा रहा है।
सरकारी बयान में साफ किया गया है कि जांच पूरी होने तक किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। वहीं, विपक्षी दल इस मामले में पारदर्शिता और समयबद्ध जांच की मांग कर रहे हैं। पुलिस विभाग के भीतर भी इस कार्रवाई का असर देखने को मिल रहा है, क्योंकि यह संदेश जा रहा है कि शीर्ष स्तर के अधिकारियों पर भी नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई संभव है।
कुल मिलाकर, DGP रैंक के अधिकारी रामचंद्र राव का सस्पेंशन कर्नाटक प्रशासन के लिए एक बड़ा और संवेदनशील फैसला माना जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष इस पूरे मामले की दिशा और भविष्य तय करेंगे।