IPAC रेड पर कलकत्ता हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: TMC की याचिका खारिज, जांच एजेंसियों को मिली राहत
कोलकाता, 14 जनवरी 2026 । IPAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी) पर हुई रेड को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब कलकत्ता हाईकोर्ट ने पार्टी की याचिका खारिज कर दी। अदालत के इस फैसले के बाद जांच एजेंसियों की कार्रवाई को कानूनी वैधता मिल गई है और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
कलकत्ता हाइकोर्ट ने IPAC रेड मामले में बुधवार को TMC की याचिका खारिज कर दी। पार्टी ने आरोप लगाया था कि जांच एजेंसी (ED) ने 8 जनवरी को IPAC के IT हेड प्रतीक जैन के ऑफिस पर रेड मारकर कुछ कागजात जब्त किए थे।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा कि जांच एजेंसियां कानून के दायरे में रहकर अपनी कार्रवाई कर रही हैं और केवल इस आधार पर जांच को रोका नहीं जा सकता कि मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता पाई जाती है, तो उसके लिए अलग कानूनी रास्ते उपलब्ध हैं, लेकिन शुरुआती स्तर पर हस्तक्षेप का कोई ठोस आधार नहीं बनता।
इस फैसले के बाद TMC के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि IPAC पार्टी की चुनावी रणनीति और डेटा मैनेजमेंट से जुड़ी अहम संस्था मानी जाती है। वहीं विपक्ष ने हाईकोर्ट के आदेश को कानून की जीत बताते हुए कहा कि जांच से कोई भी ऊपर नहीं है, चाहे वह राजनीतिक दल हो या उससे जुड़ा कोई संगठन।
IPAC रेड और उस पर हाईकोर्ट के रुख ने एक बार फिर राजनीति बनाम जांच एजेंसियों की बहस को तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले में जांच की दिशा और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।