नई दिल्ली, 30 दिसंबर 2025 । बॉलीवुड अभिनेत्री और फिटनेस आइकन मलाइका अरोड़ा ने अपने तलाक को लेकर खुलकर बात करते हुए कहा है कि उन्हें अपने इस फैसले पर कोई पछतावा नहीं है। उनका यह बयान उन तमाम लोगों के लिए एक मजबूत संदेश है, जो निजी जीवन के कठिन फैसलों को समाज की नजरों से तौलते हैं। मलाइका का मानना है कि किसी भी रिश्ते में सबसे अहम चीज़ आत्मसम्मान और मानसिक शांति होती है, और अगर वह नहीं मिल रही हो, तो आगे बढ़ना ही बेहतर विकल्प होता है।
एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा ने साल 1997 में अरबाज खान के साथ शादी की थी। दोनों ने शादी के 20 साल बाद तलाक ले लिया। तलाक के बाद मलाइका को काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। अब एक नए इंटरव्यू में मलाइका तलाक के बाद हुई ट्रोलिंग और अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में खुलकर बात करते दिखी हैं।
इंडिया टुडे के साथ बातचीत में मलाइका ने अपनी शादी टूटने को लेकर बात करते हुए कहा- ‘मुझे न केवल पब्लिक से, बल्कि अपने दोस्तों और परिवार से भी बहुत आलोचना और विरोध का सामना करना पड़ा। उस समय मुझसे मेरे सभी फैसलों के बारे में सवाल किए गए थे। फिर भी, मुझे बहुत खुशी है कि मैं अपने फैसलों पर अडिग रही। मुझे कोई पछतावा नहीं है।
तलाक के बाद मलाइका ने अपने करियर और निजी जीवन दोनों में संतुलन बनाए रखा। फिटनेस, डांस रियलिटी शोज़, ब्रांड एंडोर्समेंट और पर्सनल ग्रोथ पर फोकस करते हुए उन्होंने यह साबित किया कि एक महिला अपने फैसलों के साथ मजबूती से खड़ी रह सकती है। उन्होंने यह भी दिखाया कि मां होने की जिम्मेदारी निभाते हुए भी आत्मनिर्भर और सकारात्मक जीवन जिया जा सकता है।
उनका यह बयान समाज में तलाक को लेकर बनी नकारात्मक धारणाओं को चुनौती देता है। खासतौर पर महिलाओं के लिए यह संदेश महत्वपूर्ण है कि वे केवल सामाजिक दबाव के कारण किसी ऐसे रिश्ते में बंधी न रहें, जो उन्हें खुश या सुरक्षित महसूस न कराए। मलाइका का अनुभव यह बताता है कि खुद की खुशी और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना किसी भी इंसान का अधिकार है।
कुल मिलाकर, मलाइका अरोड़ा का यह स्पष्ट और साहसी बयान आत्मसम्मान, स्वतंत्रता और आत्मविश्वास का प्रतीक है। यह उन सभी लोगों को प्रेरित करता है, जो अपने जीवन में कठिन फैसले लेने से डरते हैं। उनका कहना यह साफ करता है कि सही समय पर लिया गया कठिन निर्णय आगे चलकर एक सशक्त और संतुलित जीवन की नींव बन सकता है।