भाजपा में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज, नितिन नबीन राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकते हैं
नई दिल्ली, 26 दिसंबर 2025 । भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें तेज हैं कि बिहार सरकार में मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नबीन को पार्टी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है। हालांकि पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन अंदरूनी संकेतों और हालिया गतिविधियों ने इन चर्चाओं को और बल दिया है।
भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है। यह जानकारी न्यूज एजेंसी ANI ने पार्टी सूत्रों के हवाले से दी है। सूत्रों के अनुसार उनकी नियुक्ति का ऐलान 20 जनवरी को किया जा सकता है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया 18 से 20 जनवरी के बीच पूरी होने की संभावना है। नितिन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाता है तो वे इस पद पर पहुंचने वाले सबसे युवा होंगे। उनका कार्यकाल जनवरी 2029 तक रहेगा। 2029 में लोकसभा चुनाव प्रस्तावित होने के कारण उनका कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है।
पार्टी देशभर के प्रदेश अध्यक्षों को 15 जनवरी के बाद दिल्ली बुलाने की तैयारी में है। इससे पहले 2028 जेपी नड्डा को भी कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। बाद में उन्हें ही स्थायी अध्यक्ष बनाया था।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा आने वाले समय में संगठन को और मजबूत करने तथा राज्यों के साथ बेहतर समन्वय बनाने पर फोकस कर रही है। ऐसे में ऐसे नेता की तलाश है जो संगठन और सरकार—दोनों स्तरों पर संतुलन बना सके। नितिन नबीन का अनुभव, खासकर चुनावी रणनीति और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद में, उन्हें इस भूमिका के लिए उपयुक्त बनाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलती है, तो इससे भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में नए सिरे से सक्रियता देखने को मिल सकती है। खास तौर पर पूर्वी भारत और हिंदी पट्टी में पार्टी को और मजबूती मिल सकती है। साथ ही यह संकेत भी जाएगा कि भाजपा नेतृत्व क्षेत्रीय संतुलन और संगठनात्मक अनुभव को प्राथमिकता दे रही है।
फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व इस दिशा में कब और क्या फैसला करता है। नितिन नबीन का नाम भले ही अभी अटकलों में हो, लेकिन उनकी सक्रियता और संगठन में बढ़ती भूमिका यह जरूर दर्शाती है कि आने वाले समय में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में कुछ बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।