कोरोना वायरस से निपटने के उपायों के साथ शेयर बाजारों में तेजी, सेंसेक्स 693 अंक मजबूत

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स्थानीय शेयर बाजारों में सोमवार की एतिहासिक गिरावट के बाद मंगलवार का दिन थोड़ी राहत वाला रहा। कोरोना वायरस के खतरे के बीच भारत सहित बड़े देशों में आर्थिक स्थितियों को सुधाने के प्रयासों के वैश्विक स्तार पर बाजारों में सुधार से संकेत लेकर स्थानीय बाजारों में लिवाल मंगलवार को सक्रिय दिखे। लिवाली के समर्थन से बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी में ढाई प्रतिशत से अधिक का सुधार दर्ज किया गया। तीस शेयरों वाला सेंसेक्स 692.79 अंक यानी 2.67 प्रतिशत की बढ़त के साथ 26,674.03 अंक पर बंद हुआ। ऊंचे में यह 27,462.87 तथा नीचे में 25,638.90 अंक तक गया।इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंजका निफ्टी 190.80 अंक यानी 2.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 7,801.05 अंक पर बंद हुआ। दोनों सूचकांकों में सोमवार को बड़ी गिरावट आयी थी और ये 13 प्रतिशत नीचे आ गये थे। फेडरल रिजर्व के अमेरिकी अर्थव्यवस्था को समर्थन देने के लिये असीमित मात्रा में बांड खरीद कार्यक्रम की घोषणा से एशिया के अन्य बाजारों में सकारात्मक रुख का असर घरेलू बाजारों पर भी पड़ा। सेंसेक्स में शामिल लाभ में रहने वाले प्रमुख शेयरों में
इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, मारुति, एचयूएल, एचसीएल टेक और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल है। वहीं महिन्द्रा एंड महिंद्रा, इंडसइंड बैंक, आईटीसी, पावर ग्रिड और एल एंड टी नुकसान में रहे। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘बाजार में कल की बड़ी गिरावट के बाद आज (मंगलवार) कुछ राहत रही। यह वैश्विक बाजारों के अनुरूप है। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सोमवार को बड़े स्तर पर प्रोाहनत्साहन पैकेज से राहत मिलने के साथ सरकार की तरफ से भी वित्तीय प्रोत्साहन की उम्मीद है।’’ उन्होंने कहा कि बाजार
बड़ी बढ़त के बाद नीचे आ गया। इसका कारण आर्थिक पैकेज पर अभी काम जारी है। इसके अलावा यूरोपीय संघ और अमेरिका में विनिर्माण गतिविधियों के आंकड़े भी आज आने वाले हैं। इससे कोरोना वायरस का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव का संकेत मिल सकता है। इसका कल बाजारों पर असर दिख सकता है। कोरोना वायरस के कारण ‘कफ्यू जैसी पाबंदियों’ से उद्योग पर पड़ने वाले असर और रोजगार की कटौती की आशंका के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि संकट से पार पाने में मददगार आर्थिक पैकेज की घोषणा जल्द की जाएगी। अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने सोमवार को कहा कि वह असीमित मात्रा में ट्रेजरी बांड की खरीद करेगा। यानी केंद्रीय बैंक अतिरिक्त डॉलर की छपाई करेगा। साथ ही छोटे एवं मझोले आकार की कंपनियों को सीधे कर्ज देने का नया कदम उठाएगा जो आर्थिक गतिविधियां थमने से काफी प्रभावित हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पहल के बाद दूसरे केंद्रीय बैंक भी आर्थिक संकट से पार पाने के लिये साहसिक कदम उठा सकते हैं। कारोबारियों के अनुसार भारत और दुनिया के अन्य देशों में ‘लॉकडाउन’ से वैश्विक निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा है। एशिया के अन्य बाजारों में हांगकांग, तोक्यो और सोल में 8 प्रतिशत तक की तेजी आयी। यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरूआती कारोबार में 6 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गयी। इस बीच, भारत में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 500 पार कर गयी है और एक अन्य व्यक्ति की मौत संक्रमण के कारण हो चुकी है। इस बीच, केंद्र ने मंगलवार को राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से कफ्र्यू का कड़ाई से पालन कराने को कहा है। लोगों के बंदी के बाद भी घरों से बाहर निकलने को देखते हुए यह आदेश दिया गया है। दुनिया भर में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 3,80,000 पहुंच गयी है जबकि अब तक 16,500 लोगों की मौत हो चुकी है।

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