किसानों पर बरसा इंद्रदेव का कहर, ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान

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हरियाणा में किसानों पर इंद्र देव का कहर बरसना पिछले चार दिनों से जारी है। बेमौसम बारिश और बृहस्पतिवार को सफीदों में गिरे ओलों से खेतों में लहलहाती फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय किसानों के मुताबिक ओलावृष्टि से उनकी फसलों को 90 प्रतिशत तक हानि पहुंची है। ऐसे में दो दर्जन से भी अधिक गांवों के किसानों ने जिला और कृषि अधिकारियों से मदद की गुहार की। उन्होंने बर्बाद हुई फसलों की विशेष पैमाइश कराकर उचित मुआवजा देने की मांग रखी। पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक बारिश सफीदों क्षेत्र में 26 मिलीमीटर दर्ज की गयी। जबकि नरवाना में 19 मिलीमीटर, जींद में नौ मिलीमीटर, उचाना में पांच मिलीमीटर और पिल्लूखेड़ा में नौ मिलीमीटर बारिश हुई। इस बार अनुकूल मौसम रहने से गेहूं की बंपर पैदावार होने की उम्मीद थी। लेकिन चार दिन से तेज हवाओं के साथ जारी बेमौसम बारिश ने फसलों को व्यापक नुकसान
पहुंचाया है। पांडू पिंडारा कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. यशपाल मलिक ने कहा कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं एवं सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि खेतों में जहां पर बारिश का पानी जमा हो या है उसे वहां से तत्काल बाहर निकालने का काम करें। स्थानीय किसानों ने फसलों के नुकसान के लिए प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजे की मांग की है।उन्होंने मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भी उप-जिलाधिकारी को सौंपा। गांव ऐंचरा कलां, ऐंचरा खुर्द, सिंहपुरा, कारखाना, रोजला, कोरडा, हाट, हरीगढ़, बागडू खुर्द, बागडू कलां, सिवनामाल, साहनपुर, निम्नाबाद, गांव अंटा, बसिनी, बड़ोद,
टिटोखेड़ी, करसिंधु, खेड़ा खेमावती, पाजू खुर्द, पाजू कलां, रामपुरा, सिंघाना, मुआना, जयपुर, छापर, रत्ताखेड़ा, धर्मगढ़, मलिकपुर, रोहड़ के किसानों ने भी मुआवजे की मांग की है।

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