कोरोना संकट: हॉस्पिटैलिटी-ट्रैवल सेक्टर की टूट गई है कमर, आज वित्त मंत्री से मिल सकती है राहत ​

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज शाम 4 बजे हॉस्पिटैलिटी और ट्रैवल-टूरिज्म इंडस्ट्री को राहत देने का ऐलान कर सकती हैं. इन दोनों सेक्टर की हालत काफी खराब है. कोरोना का प्रकोप वाकई इंडस्ट्री के कई सेक्टर के लिए कहर साबित हुआ है. टूरिज्म और होटल इंडस्ट्री की तो कमर ही टूट गई है. सैलानियों की आवाजाही बंद होने से होटल इंडस्ट्री पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है. होटल इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारी सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं.

  • कोरोना के कहर से हॉस्पिटैलिटी और ट्रैवल सेक्टर का कारोबार बैठा
  • इन इंडस्ट्री के लोगों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है
  • आज वित्त मंत्री राहत पैकेज के तीसरे किश्त का ऐलान करेंगी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज तीसरी बार प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कोरोना आर्थिक पैकेज से जुड़ी डिटेल साझा करेंगी. निर्मला सीतारमण आज शाम 4 बजे हॉस्पिटैलिटी और ट्रैवल-टूरिज्म इंडस्ट्री को राहत देने का ऐलान कर सकती हैं. इन दोनों सेक्टर की हालत काफी खराब है. आइए जानते हैं कि क्या है इन सेक्टर की हालत और क्या इनसे जुड़ी इंडस्ट्री की मांगे…

कोरोना का प्रकोप वाकई इंडस्ट्री के कई सेक्टर के लिए कहर साबित हुआ है. टूरिज्म और होटल इंडस्ट्री की तो कमर ही टूट गई है. सैलानियों की आवाजाही बंद होने से होटल इंडस्ट्री पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है. होटल इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारी सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं. होटल इंडस्ट्री ही नहीं टूर ऐंड ट्रैवल्स के बिजनेस को भी कोरोना ने ठप कर दिया है. फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती कोरोना से निपटना और इसे फैलने से रोकना है. लेकिन कोरोना से जंग जीतने के बाद भी कारोबार को पटरी पर लाना एक बड़ी चुनौती होगी.

हॉस्पिटैलिटी (होटल एवं रेस्टोरेंट)

कोरोना का कहर होटल एवं रेस्टोरेंट जैसे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को भारी पड़ रहा है. उड़ानें बंद होने, ट्रांसपोर्ट एवं ट्रैवल पर पूरी तरह से रोक हो जाने की वजह से होटल एवं रेस्टारेंट भी बंद पड़े हैं. लॉकडाउन खुलने के बाद घरेलू ट्रांसपोर्ट चलने से इस सेक्टर में थोड़ा कारोबार मिल सकता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आने में तो अभी कई महीने लग सकते हैं. घरेलू स्तर पर भी लोग आगे महीनों तक रेस्टोरेंट या भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने में हिचकेंगे.

हॉस्पिटैलिटी बिजनेस को 30 हजार करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका है.ऐसे में इस सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर छंटनी की आशंका जताई जा रही है.

नेशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने कहा है रेस्तरां के सेक्टर में 73 लाख लोगों में से 10-20 फीसद लोगों की नौकरी जा सकती है. मतलब करीब 15 लाख लोग बेरोजगार हो सकते हैं.

एविएशन सेक्टर

कोरोना से सबसे ज्यादा नुकसान एविएशन सेक्टर को हुआ है. कोरोना की वजह से दुनिया के कई देशों में लॉकडाउन है. भारत में भी उड़ानें पूरी तरह से बंद हैं. इस सेक्टर में सैलरी में कटौती और छंटनी शुरू हो गई है. भारत में ही इस सेक्टर में हजारों नौकरियां जाने की आशंका है. जानकार तो यहां तक चेतावनी दे रहे हैं ​कि अगर लॉकडाउन लंबा खिंचा तो कई एयरलाइंस के बंद होने की नौबत आ सकती है. ग्लोबल बिजनेस एडवाइजरी फर्म केपीएमजी के अनुसार, एविएशन के लिए यह 2008-09 की मंदी से भी बड़ा संकट है.

इंटरनेशनल एविएशन ट्रैवल ए​सोसिएशन (IATA) की एक रिपोर्ट के अनुसार इसकी वजह से भारतीय विमान सेवा कंपनियों को इस साल 1,122 करोड़ डॉलर (करीब 86 हजार करोड़ रुपये) का नुकसान होगा और 29 लाख से भी ज्यादा लोग बेरोजगार हो सकते हैं.

क्या हैं इंडस्ट्री की प्रमुख मांगें

1. हॉस्पिटैलिटी और ट्रैवल इंडस्ट्री की सबसे प्रमुख मांग यह है कि उन्हें वस्तु एवं सेवा कर (GST) और केंद्र-राज्य के अन्य एडवांस टैक्स चुकाने से फिलहाल राहत दी जाए और इसे कुछ समय के लिए टाल दिया जाए.

2. यही नहीं होटल एवं ट्रैवल इंडस्ट्री के लिए अगले 2-3 साल तक के लिए जीएसटी रेट काफी कम करने की भी मांग की जा रही है. अभी बड़े होटलों के लिए जीएसटी रेट 12 से 18 फीसदी तक है.

3. इसके अलावा आगे सभी तरह के लाइसेंस और परमिट फीस माफ करने की भी इस इंडस्ट्री से मांग आई है.

4 इंडस्ट्री यह भी डिमांड है कि रिजर्व बैंक ने लोन का जो तीन महीने का मॉरिटोरियम दिया है उसे कम से कम एक साल तक किया जाए.

5. फिक्की ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लेटर लिखकर यह भी मांग की है कि टूरिज्म सेक्टर के छोटे एवं मध्यम उद्यमों SME को कम से कम पांच साल के लिए कौलैटरल फ्री लोन दिया जाए.

साल भर लग सकता है उबरने में

इंडियन होटल्स कंपनी के एमडी ऐंड सीईओ पुनीत चटवाल ने हाल में इंडिया टुडे टीवी से कहा था, ‘एविएशन के अलावा हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर सबसे बुरा असर पड़ा है. कंज्यूमर अपने भविष्य को लेकर चिंतित है. टूरिज्म इंडस्ट्री में कम से कम 6 से 12 महीने लग जाएगा उबरने में. ‘ चटवाल ने कहा, ‘आगे चलकर एक न्यू नॉर्मल बन सकता है. बीसीजी का एक प्रजेंटेशन आया है, जिसमें कहा गया है कि लोगों का बिहेवियर बदलेगा. वेडिंग सेक्टर वापसी करेगा, सेलिब्रेशन होगा, लोग सोशल डिस्टेंसिंग करके नई चीजें अपानाएंगे.’

गौरतलब है कि इससे पहले देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को आर्थिक राहत की दूसरी किस्त को सामने रखा. प्रवासी मजदूरों, आम आदमी और किसानों के लिए बड़े पैकेज का ऐलान किया गया. पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को यह ऐलान किया था कि कोरोना से देश के लोगों और इकोनॉमी को राहत देने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये का पैकेज आएगा. इसके बाद बुधवार को वित्त मंत्री ने एमएसएमई आदि सेक्टर के लिए करीब 6 लाख करोड़ रुपये के पैकेज दिए.

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