प्रकृति का कहर:ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग.

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ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग अब बहुत ही खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है. पिछले सितंबर से लगी इस आग ने लोगों और जानवरों को बुरी तरह प्रभावित किया है. यहां करीब 50 करोड़ जानवरों और पक्षियों की मौत हो चुकी है. वहीं अब चौंकाने और डरावनी चीजें भी सामने आ रही हैं.चार महीने का समय बीतने के बाद भी ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग खत्म नहीं हो रही है. यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के इकोलॉजिस्ट ने अनुमान जताया है कि अब तक 50 करोड़ जानवरों की मौत आग में झुलसने से हुई है. इसमें स्तनधारी पशु, पक्षी और रेंगने वाले जीव सभी शामिल हैं.
यह आग आस्ट्रेलिया के विक्टोरिया और नई साउथ वेल्स के तटीय इलाकों में सबसे ज्यादा फैली हुई है. आग के कारण हवा और जहरीले धुएंं से पूर्वी तट पर स्थित कस्बों-शहरों में रहना दूभर हो गया है. लोग घर छोड़कर भाग रहे हैं. मृतक लोगों की लगातार बढ़ रही है. ऑस्ट्रेलिया सरकार ने कई इलाकों में आपातकाल की घोषणा कर दी है.विक्टोरिया का हाल सबसे ज्यादा भयावह है. शनिवार को तेज हुई हवा ने आग को और भड़का दिया है. बढ़े तापमान और गर्म हवा के चलते अग्निशमन दल को आग बुझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कई जगहों पर तापमान 45 डिग्री तक बढ़ गया है.मौसम विभाग के अनुसार हवा का रुख आग को फैलने में सहायता कर रहा है और इससे उठने वाला धुआं बचाव कार्य में बाधा डाल रहा है. आग के कारण हजारों लोग घर-शहर छोड़कर शरणार्थी के रूप में जहां-तहां रहने को मजबूर हैं.आग ने 200 से अधिक घरों को भी नष्ट कर दिया है. कई लोग अभी भी आग से प्रभावित क्षेत्रों में हैं. रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि आस्ट्रेलिया में इस सीजन में आग से संबंधित घटनाओं में कम से कम 18 लोगों की मौत हो चुकी है और यह संख्या आगे बढ़ने की संभावना है.जंगल की आग को देखते हुए देश के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने 13 जनवरी से शुरू होने वाली अपनी चार दिवसीय भारत यात्रा शनिवार को रद्द कर दी. हालांकि प्रधानमंत्री मॉरिसन ने कहा कि वह आगामी महीनों में सही समय पर एक बार फिर से यात्रा की तारीख तय करेंगे.

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