इराक को दी जाने वाली सैन्य सहायता में कटौती करेगा अमेरिका.

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वाशिंगटन, । अमेरिका इराक को दी जाने वाली 25 करोड़ डॉलर की सैन्य सहायता में कटौती
करने की तैयारी कर रहा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक यदि अमेरिकी सैनिकों को इराक से बाहर
निकाला जाता है, ऐसी स्थिति में इराक को मिलने वाली सैन्य सहायता में कटौती की जाएगी। मीडिया रिपोर्ट में
विदेश और रक्षा मंत्रालय के ई-मेल के हवाले से कहा गया है कि पूर्वी देशों से संबंधित ब्यूरो चालू वित्त वर्ष में इराक
को दी जाने वाली सैन्य सहायता में कटौती करने की योजना पर काम कर रहा है। इराक की संसद में पांच जनवरी
को एक प्रस्ताव पारित किया गया था जिसमें अमेरिका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना को देश से बाहर करने
संबंधित प्रावधान था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निर्देश पर एक अमेरिकी अभियान में बगदाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई
के नजदीक एक ड्रोन हमला कर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कुर्द्स बल के प्रमुख कासिम सुलेमानी की हत्या
कर दी गयी थी। अमेरिका के मुताबिक सुलेमानी इराक और पश्चिम एशिया में अमेरिकी राजनयिकों और सैनिकों
पर हमले करने की योजना बना रहे थे। उन्होंने इराक में गठबंधन के ठिकानों पर पिछले कुछ महीनों में कई हमले
किए थे, जिनमें 27 दिसंबर को हुआ हमला भी शामिल था। इस हमले में अमेरिकी और इराकी कर्मी हताहत हुए
थे। जनरल सुलेमानी ने 31 दिसंबर को बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर हुए हमलों को भी मंजूरी दी थी। अमेरिका
ने शुक्रवार को ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इसके जवाब में ईरान ने इराक में अमेरिकी सैन्य
ठिकानों को निशाना बनाकर कई हवाई हमले किए थे। जिसमें गलती से यूक्रेन का एक यात्री विमान ईरान के
मिसाइल हमले में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। गौरतलब है कि पिछले बुधवार को हुए यूक्रेन विमान हादसे में विमान
में सवार सभी यात्रियों और विमान कर्मचारियों समेत कुल 176 लोग मारे गए थे। मृतकों में अधिकतर लोग ईरान
और कनाडा के थे। यह हादसा उसी दिन हुआ जब ईरान ने इराक में अमेरिकी ठिकानों को लक्ष्य बनाकर 15 से
अधिक मिसाइलें दागी थी। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कार्प्स (आईआरजीसी) ने एक बयान जारी कर
यूक्रेन के बोइंग 737 यात्री विमान को गलती से मार गिराने की पूरी जिम्मेदारी ली है।

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