सेना ने कहा पाकिस्‍तान मिलिट्री की मदद से सर्दियों में पीओके से घुसपैठ की तैयारी में हैं आतंकी

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इंडियन आर्मी का कहना है कि पीओके में बड़ी संख्‍या में आतंकियों के कैंप्‍स मौजूद हैं और पाकिस्‍तान सेना की मदद से यह भारत में घुसपैठ की तैयारियों में लगे हुए हैं। सेना की मानें तो सर्दियों से पहले बड़ी संख्‍या में आतंकियों को भारत में दाखिल कराने की कोशिशें हो रही हैं। सेना की ओर से यह चेतावनी उस समय दी गई है जब रविवार को जम्‍मू कश्‍मीर के कुलगाम में एनकाउंटर में सेना और सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्‍मद के तीन आतंकियों को ढेर कर दिया था। सेना का कहना है कि पाकिस्‍तान सेना इन आतंकियों की मदद कर रही है ताकि वे आसानी से एलओसी पार करके भारत में दाखिल हो सकें। आपको बता दें कि भारत और पाकिस्‍तान के बीच साल2003 में युद्धविराम समझौता साइन हुआ था।

सोमवार को सेना की ओर से एक बयान जारी किया गया है। इस बयान में कहा गया है कि 30 मई को जब भारत और पाकिस्‍तान की सेना के बीच डीजीएमओ स्‍तर की वार्ता हुई थी तो पाकिस्‍तान ने वादा किया था कि वह युद्धविराम समझौते को पूरी तरह से लागू करेगा। इस वार्ता को भारत की ओर से आयोजित किया गया था। सेना ने कहा कि इसके बाद सात बार घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम किया गया और 23 आतंकी मारे गए। सेना का कहा है कि इन आतंकियों को पाकिस्‍तान सेना का समर्थन हासिल था और उसकी मदद से ही यह आगे बढ़ सके थे।

सेना ने कहा कि 29 मई को पाकिस्‍तान के कहने पर डीजीएमओ के स्‍तर की वार्ता हुई थी। तब से ही भारत की तरफ से लगातार गोलीबारी के बाद भी एलओसी पर संयम बरता जा रहा है। लेकिन पाकिस्‍तान 30 मई से ही पाकिस्‍तान की सेना आतंकियों को दाखिल करने की कोशिशों में लगी हुई है। जब से युद्धविराम समझौता साइन हुआ है तब से यह पहला मौका है जब सेना की तरफ से पाकिस्‍तान सेना को आतंकियों की घुसपैठ के लिए सीधे तौर पर जिम्‍मेदार ठहराया गया है। सेना का कहना है कि उसे इस बात की जानकारी भी मिली है कि एलओसी के उस पार भारी संख्‍या में आतंकी बर्फबारी के समय भारत में दाखिल होने की तैयारी कर रहे हैं। सेना ने अपने बयान में कहा है कि पाकिस्‍तान की सेना को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा गया है कि वह अपनी सरजमीं से आतंकियों को भेजना बंद कर दे।

रविवार को एलओसी पर सेना की पेट्रोलिंग पार्टी पर जम्‍मू कश्‍मीर के सुंदरबनी सेक्‍टर में हमला हुआ था। इस हमले में तीन जवान शहीद हो गए थे। वहीं दो पा‍क घुसपैठियों को भी सेना ने मार गिराया था। एक भारतीय जवान भी हमले में बुरी तरह से घायल हो गया था। इस हमले में जो आतंकी मारे गए थे उन्‍होंने सेना की यूनिफॉर्म पहनी हुई थी। सेना का मानना है कि हमले के बाद छह घुसपैठिए भारत में दाखिल हो चुके हैं। इस बीच हिजबुल मुजाहिद्दीन के सरगना रियाज नाइकू ने एक ऑडियो स्‍टेटमेंट जारी किया है। इस स्‍टेटमेंट में उसने कहा है कि पीओके स्थित मुजफ्फराबाद से हिजबुल ने ज्‍यादा आतंकी कश्‍मीर में नहीं भेजे हैं। नाइकू ने पाकिस्‍तान पर चुनाव प्रचार के लिए कश्‍मीर को प्रयोग करने का आरोप लगाया है।

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