राहुल गांधी ने दिया था हजार का नोट, पर नहीं लिया, खुद्दारी दिखाने वाला वो बच्‍चा आज ठेला लगाता है

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चुनावी मौसम में मध्‍य प्रदेश बीजेपी और कांग्रेस के बीच एक बच्‍चे को लेकर राजनीति गरमा गई है। बच्‍चे का नाम है कौशल शाक्‍य। इस लड़के को साढ़े पांच साल पहले भोपाल प्रवास के दौरान राहुल गांधी ने अखबार बेचते हुए देखा था। बच्‍चे को देख राहुल गांधी ने अखबार के बदले उसे एक हजार रुपए का नोट दिया था, लेकिन स्‍वाभिमानी कौशल ने एक हजार का नोट लेने से इनकार कर दिया था। बच्‍चे से प्रभावित राहुल गांधी ने वादा किया कि उसकी पढ़ाई का खर्च कांग्रेस पार्टी उठाएगी। हाल में स्‍थानीय अखबार नई दुनिया ने बच्‍चे की स्थिति जानने के लिए रिपोर्ट की, जिसमें पता चला कि कौशल भोपाल के रोशनपुरा में ठेले पर अपने बड़े भाई जुगल के साथ काम कर रहा है।

अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, कौशल ने बताया कि वह श्‍यामला हिल्‍स स्थित डॉक्‍टर राधाकृष्‍णन हाईस्‍कूल में पढ़ता था, लेकिन छठी क्‍लास के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी। हालांकि, बच्‍चे ने बताया कि कांग्रेस पार्टी से उसे फीस मिली थी, लेकिन कुछ महीने के लिए। कांग्रेस नेता साजिद अली ने कौशल के बड़े भाई जुगल को अपने कॉलेज में काम दिया था। कौशल ने बताया कि उनके पिता काम करने की स्थिति में नहीं हैं, इस वजह से परिवार के भरण-पोषण की जिम्‍मेदारी दोनों भाइयों पर ही है।

सोमवार को कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी जब भोपाल में रोड शो करने पहुंचे तो बीजेपी ने बच्‍चे को मीडिया के सामने पेश कर दिया। उधर, कांग्रेस ने बीजेपी पर यह कहकर पलटवार किया है कि कौशल को केंद्रीय मंत्री स्‍मृति ईरानी ने सेंट्रल स्‍कूल में प्रवेश दिलाने का वादा किया था, उसका क्‍या हुआ? मतलब दोनों ही पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं, लेकिन बच्‍चे के लिए किसी ने कुछ नहीं किया। बीजेपी की ओर से सोमवार को आरोप लगाया गया कि कांग्रेस ने बच्‍चे को अधर में छोड़ दिया। वहीं, कांग्रेस का दावा है कि उन्‍होंने बच्‍चे की पूरी मदद की है।

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