देश को 900 आईएएस, आईपीएस देने वाले शंकर देवराजन नहीं रहे, पत्‍नी से हुआ था झगड़ा

0

देश को 900 से ज्‍यादा आईएएस, आईपीएस, आईआरएस देने वाले प्रोफेसर शंकर देवराजन अब इस दुनिया में नहीं रहे। शंकर आईएएस अकादमी के संस्‍थापक शंकर देवराजन निजी समस्‍याओं से बेहद परेशान थे। पुलिस का कहना है कि शंकर देवराजन का पत्‍नी के साथ किसी बात पर झगड़ा हुआ था, जिसके बाद उन्‍होंने फांसी लगाकर आत्‍महत्‍या कर ली। देवराजन की दो बेटियां हैं।

शंकर देवराजन ने साल 2004 में चेन्‍नई के अन्‍नानगर में शंकर आईएएस अकादमी की शुरुआत की थी, जो कि देशभर के छात्रों के लिए आदर्श बन गया। शंकर देवराजन ने सिविल सेवा की परीक्षा में खुद भी हाथमाया था, लेकिन वह असफल रहे। इन्‍हीं असफलताओं के सबक को यादकर उन्‍होंने छात्रों को सफलता का मंत्र देना शुरू किया और एक के बाद एक उनके पढ़ाए छात्र सिविल सेवा परीक्षा में कीर्तिमान स्‍थापित करते गए। उनकी अकादमी से पढ़कर 900 से ज्‍यादा आईएएस, आईपीएस और आईआरएस निकले, जो आज देश में अलग-अलग जगहों पर पोस्‍टेड हैं।

शंकर देवराजन बेहद विनम्र स्‍वभाव के थे। छात्र बताते हैं कि उनके ज्ञान का कोई सानी नहीं है। शंकर देवराजन की एक और खास बात यह थी कि वे पिछड़ वर्ग से आने वाले छात्रों को विशेष तवज्‍जो देते थे। वह अपने छात्रों के लिए एक शिक्षक से बढ़कर अच्‍छे दोस्‍त और गाइड थे।

शंकर देवराजन 45 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह गए। पुलिस के मुताबिक, शंकर देवराजन का पत्‍नी से किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था, जिसके बाद चेन्‍नई के माइलपुर स्थित निवास स्‍थान पर उनका शव पाया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पड़ोसी गुरुवार देर उन्‍हें निजी अस्‍पताल ले गए, लेकिन तब तक उनके प्राण निकल चुके थे। शंकर देवराजन ने हाल में अकादमी के लिए नई बिल्डिंग तैयार कराई थी। उनके छात्रों को यकीन नहीं हो रहा है कि गुरुजी छोटे-मोटे झगड़े की वजह से आत्‍महत्‍या कर सकते हैं।

Share.

About Author

Leave A Reply