गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोत्तरी से बाढ़ का संकट

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उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश में हो रही लगातार बारिश के चलते पिछले 24 घंटों को दौरान गंगा तथा यमुना नदी के जलस्तर पर बृद्धि होने से इलाहाबाद में बाढ़ का संकट एक बार फिर से गहरा गया है। आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि मध्यप्रदेश में हो रही बारिश के चलते केन और बेतवा नदियों का जल स्तर बढ़ गया है। दोनों नदियों का पानी यमुना मिलने से नदी के जलस्तर में बृद्धि हो गयी है। इस बीच उत्तरखण्ड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश हो रही है।

लगातार हो रही बारिश से गंगा और यमुना के जलस्तर में बृद्धी दर्ज की गयी। सूत्रों ने बताया कि तीर्थराज प्रयाग में गंगा और यमुना का बढ़ रहा जलस्तर धीरे धीरे खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार शनिवार सुबह आठ बजे की तुलना में रविवार को उसी समय तक फाफामऊ में गंगा के जलस्तर में 16, छतनाग में 23 और नैनी (यमुना) में 29 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज किया गया है।

शनिवार को पूरे दिन गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ता रहा। फाफामऊ में सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 80.28 मीटर दर्ज किया गया जो शनिवार की तुलना में 12 सेंटीमीटर अधिक है, छतनाग में 78.40 मीटर दर्ज किया गया जो 23 सेंटीमीटर अधिक है। इसी प्रकार नैनी (यमुना) में गंगा का जलस्तर 29 सेंटीमीटर वृद्धि के साथ 78.90 मीटर दर्ज किया गया है।

पिछले एक पखवाडे के आंकडों का आंकलन करने पर गंगा का जलस्तर फाफामऊ में क्रमश: 1.08 मीटर, छतनाग में 1.26 मीटर और नैनी (यमुना) में 1.30 मीटर वृद्धि दर्ज की गयी है। 20 अगस्त को फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 79.20मीटर, छतनाग में 78.40 मीटर और नैनी में 78.90 मीटर दर्ज किया गया था। पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण गंगा और यमुना नदियों में पानी का जलस्तर बढऩा जारी है।

घाट पर रहने वाले तीर्थ पुरोहितों को लगातार अपनी चौकियों को पीछे खिसकाते जा रहे हैं। दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से खतरे के निशान (84.73 मीटर) की ओर बढ़ रहा है, जिससे यमुना किनारे बसे पालपुर, मड़ौका और बसवार और गंगा किनारे मवैया, बजहा, लवायन, छतनाग, कबरा, टुमटुमा और रामपुर आदि गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से भय उत्पन्न हो गया है। जिला प्रशासन ने इसे देखते हुए तटीय इलाकों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। रविवार को गंगा का जलस्तर 80.28 मीटर और यमुना का 78.90 मीटर तक पहुंच चुका है, जिसके बाद प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है।

वहीं लगातार बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से तो राहत मिली है, लेकिन जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई है। साथ ही लोगों को बिजली की समस्या का सामना भी करना पड़ रहा है। बारिश के कारण सबसे अधिक परेशानी इलाहाबाद के पुराने शहर के इलाकों में रहने वाले लोगों को हो रही है।

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